Thursday , 22 October 2026

दिल्ली में ई-रिक्शा पर लगेंगी सख्त पाबंदियां! सिर्फ 4 सवारियां बैठेंगी, रफ्तार 25 किमी/घंटा तक सीमित करने का प्रस्ताव

दिल्ली डेस्क: राजधानी दिल्ली में ई-रिक्शा के संचालन को लेकर नियम सख्त करने की तैयारी है। दिल्ली सरकार ने ‘दिल्ली ई-रिक्शा (पंजीकरण और संचालन) योजना, 2026’ का मसौदा तैयार किया है। इसके तहत एक ई-रिक्शा में चालक के अलावा अधिकतम चार यात्रियों को बैठाने, रफ्तार 25 किलोमीटर प्रति घंटा तक सीमित रखने और चालकों के लिए जरूरी दस्तावेज अनिवार्य करने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। हालांकि, ये नियम अभी लागू नहीं हुए हैं। सरकार ने मसौदे पर आम जनता से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।

ई-रिक्शा में चालक के अलावा बैठ सकेंगे सिर्फ 4 यात्री

प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, ई-रिक्शा में चालक के अलावा अधिकतम चार यात्रियों को ही बैठाने की अनुमति होगी। चालक के बगल में यात्री को बैठाने और किसी भी व्यक्ति को खड़े होकर सफर करने देने पर भी रोक लगाने का प्रस्ताव है। इस नियम का असर उन ई-रिक्शा पर पड़ सकता है, जिनमें क्षमता से अधिक स्कूली बच्चों को बैठाकर ले जाया जाता है। नियम लागू होने पर अभिभावकों और स्कूलों को बच्चों के आवागमन की व्यवस्था में बदलाव करना पड़ सकता है।

25 किमी प्रति घंटा होगी अधिकतम रफ्तार

सरकार के मसौदे में ई-रिक्शा की अधिकतम गति 25 किलोमीटर प्रति घंटा तय करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, वाहन की मोटर पावर 2,000 वॉट तक सीमित रखने की बात भी कही गई है। इन प्रावधानों का उद्देश्य ई-रिक्शा के संचालन को नियंत्रित करना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

ड्राइविंग लाइसेंस और पीएसवी बैज होगा जरूरी

प्रस्तावित योजना के तहत ई-रिक्शा चालकों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस और पब्लिक सर्विस व्हीकल (पीएसवी) बैज होना अनिवार्य किया जा सकता है। इसके साथ ही दिल्ली में ई-रिक्शा की कुल संख्या 2.5 लाख तक सीमित रखने का प्रस्ताव है। मसौदे के अनुसार, कोई व्यक्ति अधिकतम पांच ई-रिक्शा का मालिक हो सकेगा, जबकि पात्र संगठन अधिकतम 100 ई-रिक्शा रख सकेंगे।

हर ई-रिक्शा के लिए जरूरी होगा डिजिटल प्रमाणपत्र

मसौदे में प्रत्येक ई-रिक्शा के लिए डिजिटल ‘ई-रिक्शा कंप्लायंस सर्टिफिकेट’ (ईसीसी) अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। इस प्रमाणपत्र की वैधता दो साल रखने की बात कही गई है। मौजूदा ई-रिक्शा मालिकों को योजना की अधिसूचना जारी होने के बाद नए नियमों का पालन करने के लिए 90 दिन का समय देने का प्रस्ताव भी शामिल है।

फर्स्ट-एड किट से लेकर यात्रियों की मदद तक के नियम

प्रस्तावित दिशा-निर्देशों के मुताबिक, ई-रिक्शा में प्राथमिक चिकित्सा किट रखना जरूरी होगा। चालकों को बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों के वाहन में चढ़ने और उतरने के दौरान मदद भी करनी होगी। महिला यात्रियों के साथ छेड़छाड़ या दुर्व्यवहार की घटना होने पर चालक को पुलिस को सूचना देनी होगी।

इसके अलावा, शराब के नशे में वाहन चलाने और चालक का ध्यान भटकाने वाला ऑडियो बजाने पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। प्रतिबंधित घोषित सड़कों पर ई-रिक्शा चलाने की अनुमति नहीं होगी। पार्किंग के कारण यातायात या पैदल यात्रियों को परेशानी होने पर भी कार्रवाई की जा सकेगी।

वाहन पर मालिक का नाम, पता और फोन नंबर दिखाना होगा

मसौदे के अनुसार, ई-रिक्शा मालिकों को अपने वाहन पर नाम, पता और फोन नंबर प्रदर्शित करना होगा। जरूरी पंजीकरण या मंजूरी के बिना चलने वाले वाहनों को जब्त करने का प्रावधान भी प्रस्तावित है। कुछ विशेष परिस्थितियों में ऐसे वाहनों के निपटारे की व्यवस्था के साथ बैटरियों को अधिकृत पुनर्चक्रणकर्ताओं के जरिए सुरक्षित तरीके से नष्ट करने या ठिकाने लगाने पर भी जोर दिया गया है।

30 दिनों में मांगे गए सुझाव, अंतिम नियमों में हो सकता है बदलाव

दिल्ली सरकार ने मसौदा योजना पर आम जनता और संबंधित पक्षों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। प्राप्त प्रतिक्रियाओं पर विचार करने के बाद प्रस्तावित नियमों में बदलाव किया जा सकता है। अंतिम अधिसूचना में ओवरलोडिंग पर जुर्माने, वाहन जब्त करने की परिस्थितियों और नियमों के उल्लंघन पर होने वाली कार्रवाई को स्पष्ट किया जाएगा। फिलहाल, यात्रियों की संख्या, गति सीमा और अन्य पाबंदियां प्रस्तावित हैं, इन्हें लागू मानना सही नहीं होगा।

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