
नेशनल डेस्क: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के आईपीओ ने खुलते ही शेयर बाजार में निवेशकों का ध्यान खींचा है। 21 अक्टूबर 2026 को बोली शुरू होने के कुछ ही समय बाद बड़े संस्थागत निवेशकों ने इसमें मजबूत दिलचस्पी दिखाई। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की श्रेणी महज 28 मिनट में पूरी तरह सब्सक्राइब हो गई। हालांकि, बड़े निवेशकों की तुलना में खुदरा निवेशकों की ओर से शुरुआती मांग कमजोर रही। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, आईपीओ को कुल मिलाकर अब तक 65 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला था।
संस्थागत निवेशकों ने दिखाई मजबूत दिलचस्पी
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स की श्रेणी को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। सुबह 10 बजे तक इस श्रेणी का सब्सक्रिप्शन 2.86 गुना पहुंच गया था। इस श्रेणी में आमतौर पर म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां और अन्य बड़े संस्थागत निवेशक शामिल होते हैं।
शुरुआती दौर में इन निवेशकों की मजबूत भागीदारी को आईपीओ के प्रति बाजार की दिलचस्पी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, केवल सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों के आधार पर शेयर की लिस्टिंग या भविष्य में मिलने वाले रिटर्न का अनुमान लगाना सही नहीं होगा।
रिटेल निवेशकों की तरफ से कैसी रही प्रतिक्रिया?
बड़े संस्थागत निवेशकों के मुकाबले छोटे निवेशकों और गैर-संस्थागत निवेशकों की भागीदारी शुरुआती दौर में कमजोर रही। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की श्रेणी में 11 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया। वहीं, खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से में केवल 8 प्रतिशत बोलियां मिलीं।
इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि आईपीओ खुलने के शुरुआती घंटों में बड़े संस्थागत निवेशकों की मांग अधिक मजबूत रही। हालांकि, आवेदन की अवधि के दौरान सब्सक्रिप्शन के आंकड़े बदल सकते हैं। ऐसे में निवेशकों के लिए अंतिम दिन तक की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।
एंकर निवेशकों से जुटाए 8,109 करोड़ रुपये
आईपीओ खुलने से पहले 19 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स ने एंकर निवेशकों से करीब 8,109.84 करोड़ रुपये जुटाए थे। इस प्रक्रिया में कुल 212 एंकर निवेशकों ने हिस्सा लिया। इनमें ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, टी. रो प्राइस, श्रोडर्स, जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट, फ्रैंकलिन टेम्पलटन, इनवेस्को और प्रूडेंशियल जैसे बड़े निवेशकों के नाम शामिल थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, एंकर निवेशकों की ओर से आईपीओ के लिए करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की मांग आई थी। यह आंकड़ा इस निर्गम को लेकर बड़े निवेशकों की शुरुआती दिलचस्पी को दर्शाता है।
Jio Platforms IPO में निवेश से पहले किन बातों पर दें ध्यान?
आईपीओ में बड़े संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी आकर्षक संकेत हो सकती है, लेकिन इसे मुनाफे की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए। निवेश करने से पहले कंपनी के मूल्यांकन, वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाओं और भविष्य की विकास योजनाओं को समझना जरूरी है।
इसके साथ ही निवेशकों को अपनी जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि पर भी विचार करना चाहिए। आईपीओ में मांग अधिक होने के बावजूद शेयर बाजार में प्रदर्शन कई कारकों पर निर्भर करता है। इसलिए केवल सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों को देखकर निवेश का फैसला करने के बजाय सभी उपलब्ध जानकारियों का आकलन करना बेहतर होगा।
Navyug Samachar