
पंजाब डेस्क: पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को परिवार की मांग स्वीकार करते हुए हत्याकांड की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने का ऐलान किया। झोटा के परिजन लगातार निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहे थे। परिवार ने न्याय मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का रुख अपनाया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे से कुछ घंटे पहले हुए इस फैसले को मामले में अहम कदम माना जा रहा है।
13 अक्टूबर को मेडिकल स्टोर पर गोली मारकर की गई थी हत्या
परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को पंजाब के मानसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते थे। जानकारी के मुताबिक, घटना एक मेडिकल स्टोर पर हुई थी, जहां कथित तौर पर नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर झोटा और दुकान संचालक के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान उन्हें गोली मार दी गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया और पंजाब में लोगों का आक्रोश बढ़ गया।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी नहीं थमा विरोध
पुलिस ने हत्या की वारदात के 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने की जानकारी दी थी। हालांकि, गिरफ्तारी के बावजूद झोटा के परिवार ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग जारी रखी। परिजनों को आशंका थी कि हत्या के पीछे किसी बड़ी साजिश की भूमिका हो सकती है। इस बीच न्याय की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन तेज हुए और मामले में कार्रवाई की मांग कर रही समिति भी सक्रिय रही।
अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले भगवंत मान का ऐलान
मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे के दौरान झोटा के परिवार से मुलाकात का कार्यक्रम भी प्रस्तावित था। परिवार पहले ही उनसे मिलकर CBI जांच की मांग उठाने की बात कह चुका था। इसी बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि सरकार परिवार की मांग स्वीकार करते हुए मामला CBI को सौंप रही है। मुख्यमंत्री ने पंजाब को नशामुक्त बनाने की लड़ाई जारी रखने की बात भी कही।
अंतिम संस्कार और CBI जांच के अगले कदम पर नजर
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद से ही परिवार न्याय मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं करने की बात कह रहा था। अब CBI जांच के ऐलान के बाद मामले में आगे की कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच औपचारिक रूप से कब शुरू होती है और हत्या से जुड़ी परिस्थितियों को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं। हत्या के पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका की पुष्टि अभी नहीं हुई है। इस संबंध में स्थिति जांच के निष्कर्षों के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
Navyug Samachar