Wednesday , 21 October 2026

यूपी की बेटियों के लिए डिजिटल पढ़ाई की नई पहल, 80 हजार से ज्यादा छात्राओं ने कराया पंजीकरण; इन जिलों का प्रदर्शन सबसे बेहतर

यूपी डेस्क: उत्तर प्रदेश में बालिका शिक्षा को डिजिटल संसाधनों से जोड़ने की दिशा में प्रयास तेज किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को गणित और विज्ञान की पढ़ाई में दक्ष बनाने के लिए खान एकेडमी के माध्यम से डिजिटल अभ्यास का अवसर दिया जा रहा है। इस पहल के तहत प्रदेश के 96 प्रतिशत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का पंजीकरण हो चुका है, जबकि 80,078 छात्राओं ने भी इस मंच पर अपना पंजीकरण कराया है। इनमें से 66,996 छात्राओं के खाते सक्रिय हो चुके हैं। वहीं, 30,503 छात्राओं ने निर्धारित मासिक लक्ष्य का कम से कम 50 प्रतिशत पूरा कर लिया है।

96 प्रतिशत विद्यालय खान एकेडमी से जुड़े

खान एकेडमी की 1 से 15 अक्टूबर 2026 तक की मध्य-माह प्रदर्शन रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के 96 प्रतिशत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय इस डिजिटल शिक्षण मंच पर पंजीकृत हैं। कुल 80,078 छात्राओं के पंजीकरण के साथ 66,996 खाते सक्रिय हो चुके हैं। इसके अलावा, 30,503 छात्राओं ने निर्धारित मासिक लक्ष्य का कम से कम आधा हिस्सा हासिल किया है। यह पहल छात्राओं की विषयगत समझ बढ़ाने, नियमित अभ्यास की आदत विकसित करने और पढ़ाई में उनकी दक्षता मजबूत करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है।

सहारनपुर, गाजियाबाद और खीरी ने हासिल की उल्लेखनीय उपलब्धि

जिलेवार प्रदर्शन के आंकड़ों में सहारनपुर, गाजियाबाद और खीरी की छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सहारनपुर में 92 प्रतिशत, गाजियाबाद में 89 प्रतिशत और खीरी में 81 प्रतिशत छात्राओं ने निर्धारित मासिक लक्ष्य का कम से कम 50 प्रतिशत हासिल किया है। इन जिलों के आंकड़े डिजिटल शिक्षण मंच के उपयोग और छात्राओं को नियमित अभ्यास के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयासों को दर्शाते हैं।

गणित और विज्ञान में दक्षता बढ़ाने पर जोर

खान एकेडमी कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को गणित और विज्ञान में मजबूत बनाना है। इसके तहत प्रत्येक छात्रा के लिए निर्धारित मासिक लक्ष्य रखा गया है। लक्ष्य के अनुसार, छात्राओं को दोनों विषयों में कम से कम चार-चार कौशलों में दक्षता यानी प्रोफिशिएंट या मास्टर्ड स्तर हासिल करना है।

इस डिजिटल मंच के जरिए छात्राओं को अपनी गति से अभ्यास करने और विषयों को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलता है। नियमित अभ्यास के माध्यम से उनकी सीखने की क्षमता और विषयगत दक्षता को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पढ़ाई को अधिक सहज, रोचक और परिणामोन्मुख बनाने में मदद मिल सकती है।

बालिका शिक्षा को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने पर सरकार का जोर

उत्तर प्रदेश सरकार का उद्देश्य प्रदेश की बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षण संसाधनों का लाभ उपलब्ध कराना है। खान एकेडमी जैसे डिजिटल मंचों के माध्यम से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को गणित और विज्ञान में अपनी क्षमताएं विकसित करने का अवसर मिल रहा है।

विद्यालयों में नियमित अभ्यास, शिक्षकों के मार्गदर्शन और छात्राओं को लगातार प्रोत्साहित करने से निर्धारित शिक्षण लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलने की उम्मीद है। यह पहल बालिका शिक्षा को तकनीक और बेहतर शैक्षिक अवसरों से जोड़ने के प्रयासों का हिस्सा है।

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने क्या कहा?

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक शिक्षण संसाधनों के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि खान एकेडमी के माध्यम से गणित और विज्ञान में छात्राओं की दक्षता विकसित करने की पहल बालिका सशक्तीकरण को नई दिशा देती है।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने डिजिटल अभ्यास पर दिया जोर

महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि खान एकेडमी के जरिए छात्राओं को गणित और विज्ञान के कौशल विकसित करने के लिए डिजिटल अभ्यास का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास है कि विद्यालयों में इस मंच का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए और अधिक से अधिक छात्राएं निर्धारित शिक्षण लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ें।

 

Check Also

हिंदी मीडियम का ताना सुनकर लिया अफसर बनने का संकल्प, 7 साल तक मिली नाकामी; विपुल पांडे ने UPPCS में हासिल की सफलता

करियर डेस्क: जिंदगी में कई बार असफलता और लोगों के ताने इंसान को तोड़ने के …