यूपी डेस्क: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां बेटी के बिना बताए घर से चले जाने से नाराज पिता ने कथित तौर पर अपनी ही बेटी की हत्या कर दी। आरोप है कि पिता ने अपने भांजे के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया और शव को जंगल में गड्ढा खोदकर दफना दिया। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी पिता और उसके भांजे को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना औरैया के बेला थाना क्षेत्र से जुड़ी है। मामले में कन्नौज निवासी पिता चंद्रप्रकाश और उसके भांजे दीपक पर हत्या और साक्ष्य मिटाने का आरोप है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को मंगलवार को गिरफ्तार किया।
दलपतपुर जंगल में मिला था युवती का शव
पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने बताया कि 20 सितंबर को ग्राम प्रधान ऊसराहा की सूचना पर बेला पुलिस को दलपतपुर मोड़ के पास सड़क से करीब 50 मीटर अंदर बबूल के पेड़ों के बीच एक गड्ढे में युवती का शव मिला था।
शव कई दिन पुराना होने के कारण उसकी पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बन गई थी। मौके से ऐसा कोई ठोस सुराग नहीं मिला था, जिससे युवती के परिवार तक पहुंचा जा सके। पुलिस ने पहचान के लिए सोशल मीडिया और आसपास के जिलों में लापता युवतियों की जानकारी जुटानी शुरू की।
इसके बाद कन्नौज के कपूरापुर निवासी रजत कुमार ने सोशल मीडिया पर तस्वीर देखकर शव की पहचान अपनी बहन शिवानी के रूप में की।
बेटी को दिल्ली ले जाने के बहाने घर से निकला था पिता
रजत ने पुलिस को बताया कि 9 सितंबर को उसके पिता चंद्रप्रकाश शिवानी को दिल्ली ले जाने की बात कहकर घर से निकले थे। रास्ते में बेला-तिर्वा मार्ग स्थित नायरा पेट्रोल पंप के पास उसकी बुआ का बेटा दीपक मिल गया।
आरोप है कि पिता ने रात होने का हवाला देकर रजत को वापस भेज दिया और खुद दीपक के साथ चले गए। बाद में जब शिवानी का शव मिला तो रजत को पिता और दीपक पर शक हुआ।
पूछताछ में पुलिस के मुताबिक चंद्रप्रकाश ने दीपक के साथ मिलकर शिवानी की हत्या करने और शव को दलपतपुर जंगल में दफनाने की बात स्वीकार की।
पुलिस ने बाइक और फावड़ा किया बरामद
रजत की तहरीर पर बेला थाने में चंद्रप्रकाश और दीपक के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने मंगलवार को कैथावा मोड़ से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक और फावड़ा भी बरामद किया है।
सोशल मीडिया से हुई शव की पहचान
दलपतपुर जंगल में मिले शव की पहचान पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। घटनास्थल से कोई ऐसा प्रमाण नहीं मिला था, जिससे युवती के परिजनों का पता लगाया जा सके।
पुलिस ने युवती की तस्वीर सोशल मीडिया पर प्रसारित की। तस्वीर देखने के बाद भाई रजत कुमार ने पुलिस से संपर्क किया और शव की पहचान अपनी बहन शिवानी के रूप में की।
इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई। क्षेत्रीय विधि विज्ञान टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और शव को चिचौली स्थित शवगृह भेजा गया था।
आधे रास्ते से लौट आया था भाई, गहराया शक
सीओ बिधूना पुनीत मिश्रा ने बताया कि रजत ने पूछताछ में बताया कि पिता शिवानी को दिल्ली ले जाने की बात कहकर निकले थे। रास्ते में दीपक के मिलने के बाद वह घर लौट आया था।
बहन की तस्वीर सामने आने के बाद उसे अनहोनी की आशंका हुई। उसने पिता से शिवानी के बारे में जानकारी मांगी, लेकिन आरोप है कि उसे किसी को कुछ बताने पर धमकी दी गई। डर के कारण उसने पुलिस से संपर्क नहीं किया।
जिस बेटी के लिए तलाश रहा था रिश्ता, उसी की हत्या का आरोप
कन्नौज के कपूरापुर गांव में हुई इस घटना ने ग्रामीणों को झकझोर दिया है। गांव वालों के मुताबिक, चंद्रप्रकाश अपनी बेटी शिवानी के लिए रिश्ता तलाश रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार में पहले किसी बड़े विवाद की जानकारी नहीं थी और सभी लोग सामान्य तरीके से रहते थे। घटना सामने आने के बाद पूरा परिवार गांव से गायब बताया जा रहा है। पुलिस अब मामले की आगे की जांच कर रही है।
Navyug Samachar
