
लाइफस्टाइल डेस्क: आज की 9 से 5 वाली डेस्क जॉब और लगातार कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठकर काम करने की आदत ने लोगों की सेहत पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने, गलत पोस्चर और फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण कमर, पीठ और कंधों में दर्द आम समस्या बन गई है। ऐसे में काम के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लेकर कुर्सी पर ही कुछ आसान योगासन करना काफी राहत दे सकता है।
चेयर कैट-काउ पोज
यह योगासन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने और पीठ के निचले हिस्से के तनाव को कम करने में मदद करता है। इससे गर्दन और पीठ की अकड़न में भी राहत मिलती है।
करने का तरीका: कुर्सी पर सीधे बैठकर दोनों पैर जमीन पर रखें और हाथ घुटनों पर रखें। सांस लेते हुए छाती को आगे निकालें और रीढ़ को अंदर की ओर मोड़ते हुए ऊपर देखें। फिर सांस छोड़ते हुए रीढ़ को बाहर की ओर गोल करें और ठुड्डी को छाती से लगाएं।
सीटेड स्पाइनल ट्विस्ट
लगातार बैठने से रीढ़ पर बनने वाले दबाव को यह आसन कम करता है और कमर दर्द में राहत देता है।
करने का तरीका: कुर्सी पर सीधे बैठें। बाएं हाथ को दाहिने घुटने पर रखें और दाहिना हाथ कुर्सी के पीछे टिकाएं। सांस छोड़ते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को दाईं ओर घुमाएं और पीछे की ओर देखें। कुछ सेकंड रुकें और फिर दूसरी तरफ दोहराएं।
चेयर पिजन पोज
लंबे समय तक बैठने से हिप फ्लेक्सर्स सख्त हो जाते हैं, जिससे लोअर बैक पर दबाव बढ़ता है। यह आसन इस समस्या को कम करता है और साइटिका जैसे दर्द में भी राहत दे सकता है।
करने का तरीका: कुर्सी पर सीधे बैठें और दाहिने पैर का टखना बाएं घुटने पर रखें। अब रीढ़ सीधी रखते हुए हल्का आगे झुकें। कुछ सेकंड रुकने के बाद पैर बदल लें।
सीटेड फॉरवर्ड बेंड
यह आसन पूरी पीठ और जांघों को रिलैक्स करता है और मानसिक तनाव कम करने में भी मदद करता है।
करने का तरीका: कुर्सी पर थोड़ा आगे खिसककर बैठें। सांस लेते हुए आगे झुकें ताकि पेट जांघों को छू सके। हाथ नीचे छोड़ दें और सिर को भी ढीला छोड़ते हुए कुछ देर इसी स्थिति में रहें।
ईगल आर्म्स
लगातार टाइपिंग और कंप्यूटर वर्क से कंधों में होने वाला तनाव और भारीपन यह योगासन दूर करता है।
करने का तरीका: सीधे बैठें और दोनों हाथ सामने लाएं। एक कोहनी को दूसरी के ऊपर क्रॉस करें और हथेलियों को मिलाने की कोशिश करें। कोहनियों को कंधों की ऊंचाई तक उठाएं और कुछ सांसें लें, फिर हाथ बदलें।
Navyug Samachar