नेशनल डेस्क : अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार नरमी देखने को मिल रही है। हाल ही में रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचे दोनों कीमती धातुओं के दाम अब दबाव में हैं और लगातार नीचे आ रहे हैं। 29 जून को भी सोने के भाव में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे कारोबार करती दिखाई दी। ऐसे में निवेशकों के साथ-साथ आभूषण खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों की नजरें भी बाजार की चाल पर टिकी हुई हैं।
वैश्विक बाजार में सोमवार को कॉमेक्स गोल्ड में 27 डॉलर से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 4,059.26 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता नजर आया। वैश्विक कमजोरी का असर घरेलू बाजार में भी दिखाई दिया, जहां सोने की कीमतों पर लगातार दबाव बना हुआ है।
रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आया सोना
इस वर्ष 29 जनवरी को सोने ने 1.79 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। हालांकि इसके बाद कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिली और अब सोना करीब 1.36 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। यानी कुछ ही महीनों में कीमतों में बड़ी कमी दर्ज की गई है।
चांदी की कीमतों में भी इसी तरह की गिरावट देखने को मिली है। जनवरी में चांदी 3.86 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी, लेकिन अब इसका भाव घटकर करीब 2.15 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गया है। इस तरह चांदी अपने उच्चतम स्तर से लगभग 1.69 लाख रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो चुकी है।
मई-जून में सबसे ज्यादा टूटे भाव
बाजार के आंकड़ों के मुताबिक मई और जून के दौरान सोने की कीमतों में 13 हजार रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं चांदी के दाम भी करीब 46 हजार रुपये तक नीचे आ चुके हैं। लगातार गिरती कीमतों का असर सर्राफा बाजार की गतिविधियों पर भी दिखाई देने लगा है।
आज के ताजा सोना भाव
24 कैरेट सोना – 1,39,461 रुपये प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट सोना – 1,28,260 रुपये प्रति 10 ग्राम
18 कैरेट सोना – 1,05,017 रुपये प्रति 10 ग्राम
सोना-चांदी के दाम क्यों हो रहे हैं कम?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं। वैश्विक स्तर पर सोने की मांग में कमी, निवेशकों की मुनाफावसूली, ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता, डॉलर की मजबूती और पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद बातचीत की संभावनाओं ने बाजार पर असर डाला है।
इसके अलावा सोने के आयात को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए सरकारी कदमों का प्रभाव भी कीमतों पर देखने को मिला है। आयात शुल्क में बढ़ोतरी और मांग में कमी ने सोने तथा चांदी के दामों को नीचे लाने में अहम भूमिका निभाई है।
प्रधानमंत्री की अपील के बाद बढ़ी चर्चा
रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मई को देशवासियों से एक वर्ष तक सोना खरीदने से बचने की अपील की थी। इसके पीछे तर्क दिया गया था कि भारत बड़ी मात्रा में सोने का आयात करता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसके बाद मांग में कमी और अन्य आर्थिक कारणों के चलते सोने की कीमतों में लगातार नरमी दर्ज की गई, जिसकी चर्चा अब बाजार में तेज हो गई है।
Navyug Samachar