
नेशनल डेस्क: भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री और उनके करोड़ों प्रशंसकों में शोक की लहर है। 75 साल की उम्र में 8 अक्टूबर 2026 को नाना पाटेकर ने दुनिया को अलविदा कह दिया। गोवा स्थित अपने घर पर अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक सीपीआर देकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
नाना पाटेकर सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे। दमदार आवाज, तीखे संवाद, सहज अभिनय और अलग अंदाज ने उन्हें हिंदी और मराठी सिनेमा में खास पहचान दिलाई। उनके निधन के बाद जहां उनके अभिनय और सामाजिक कार्यों की चर्चा हो रही है, वहीं उनके संघर्ष और संपत्ति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाना पाटेकर की अनुमानित नेटवर्थ करीब 80 से 100 करोड़ रुपये बताई जाती है।
गोवा में अचानक बिगड़ी तबीयत, 45 मिनट तक चला सीपीआर
नाना पाटेकर गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर पर थे। गुरुवार तड़के उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें सीने में दर्द महसूस हुआ और बाद में वह घर पर बेहोश पाए गए। इसके बाद उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए करीब 45 मिनट तक लगातार सीपीआर दिया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मणिपाल अस्पताल के डॉक्टर शेखर सालकर के अनुसार, नाना पाटेकर की मौत गंभीर कार्डियक अरेस्ट के बाद हुई। मामले में मेडिको-लीगल केस भी दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की बात सामने आई है।
कभी 35 रुपये की कमाई पर काम करते थे नाना पाटेकर
आज करोड़ों की संपत्ति के लिए चर्चा में आए नाना पाटेकर का शुरुआती जीवन बेहद संघर्षपूर्ण रहा। रिपोर्ट्स के अनुसार, अपने करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने महज 35 रुपये की कमाई पर काम किया था। उन्होंने खुद अपने पुराने दिनों के बारे में बताया था कि वह कम पैसों में लंबी दूरी तक पैदल चलते थे और कई बार दिन में सिर्फ एक वक्त का खाना ही मिल पाता था।
फिल्मों में आने से पहले उन्होंने कई तरह के छोटे-मोटे काम किए। पोस्टर बनाने से लेकर सड़कों पर जेब्रा क्रॉसिंग पेंट करने तक उन्होंने काम किया। यही वजह है कि नाना पाटेकर की कहानी सिर्फ एक फिल्म स्टार के तौर पर सफलता की कहानी नहीं रही, बल्कि कठिन परिस्थितियों से निकलकर अपने दम पर पहचान बनाने वाले कलाकार की कहानी भी बनी।
80 से 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है अनुमानित नेटवर्थ
नाना पाटेकर ने चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में हिंदी और मराठी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। उनके लंबे फिल्मी सफर और लोकप्रियता को देखते हुए कई मीडिया रिपोर्ट्स में उनकी कुल संपत्ति करीब 80 से 100 करोड़ रुपये आंकी गई है। हालांकि, यह आंकड़ा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कोई आधिकारिक वित्तीय विवरण नहीं है। ऐसे में इसे अनुमानित नेटवर्थ के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
इतनी संपत्ति और शोहरत हासिल करने के बावजूद नाना पाटेकर का रहन-सहन बेहद सादा माना जाता था। वह फिल्मी दुनिया की चमक-दमक से दूरी बनाए रखने वाले कलाकारों में गिने जाते थे। सामाजिक कार्यों में भी उनकी सक्रियता रही और उन्होंने जरूरतमंदों तथा किसानों की मदद से जुड़े कई कामों में योगदान दिया।
फिल्मों की फीस में भी बनाई अलग पहचान
नाना पाटेकर ने अपने करियर में कई यादगार किरदार निभाए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक समय ऐसा भी आया जब वह एक फिल्म के लिए करीब 1 करोड़ रुपये फीस लेने वाले शुरुआती चरित्र अभिनेताओं में शामिल हुए। बाद के वर्षों में उनकी फीस और बढ़ी तथा मीडिया रिपोर्ट्स में उन्हें प्रति फिल्म करोड़ों रुपये मिलने की जानकारी सामने आती रही।
हालांकि, नाना पाटेकर के लिए पैसा हमेशा सबसे बड़ी प्राथमिकता नहीं रहा। इसका उदाहरण उनकी फिल्म ‘द वैक्सीन वॉर’ से भी जुड़ा बताया जाता है, जहां उन्होंने अपनी सामान्य फीस की तुलना में काफी कम रकम स्वीकार की थी। उनके लिए कहानी और किरदार का मजबूत होना अधिक महत्वपूर्ण माना जाता था।
‘गमन’ से शुरू हुआ सफर, ‘वेलकम’ तक कायम रही पहचान
नाना पाटेकर ने साल 1978 में फिल्म ‘गमन’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद ‘अंकुश’, ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘तिरंगा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘खामोशी’, ‘वजूद’, ‘अब तक छप्पन’, ‘अपहरण’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।
वहीं, ‘वेलकम’ में उदय शेट्टी का उनका किरदार करियर के सबसे लोकप्रिय किरदारों में शामिल हो गया। गंभीर और दमदार भूमिकाओं के लिए पहचाने जाने वाले नाना पाटेकर ने हास्य भूमिकाओं में भी अपनी अलग छाप छोड़ी। उनकी संवाद अदायगी और अभिनय शैली को दर्शकों ने खूब पसंद किया।
नाना पाटेकर को शानदार अभिनय के लिए कई बड़े सम्मान मिले। उन्हें तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। साल 2013 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया।
आखिरी दौर तक फिल्मों से जुड़े रहे अभिनेता
नाना पाटेकर ने उम्र के इस पड़ाव पर भी अभिनय से दूरी नहीं बनाई। हाल के वर्षों में वह ‘हाउसफुल 5’, ‘ओ रोमियो’ और ‘सूबेदार’ जैसे प्रोजेक्ट्स से जुड़े रहे। उनकी स्क्रीन मौजूदगी हमेशा अलग नजर आती रही।
नाना पाटेकर आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके निभाए किरदार, दमदार आवाज और यादगार संवाद लंबे समय तक दर्शकों के बीच जिंदा रहेंगे। 35 रुपये की शुरुआती कमाई से लेकर करोड़ों रुपये की अनुमानित संपत्ति और राष्ट्रीय पुरस्कारों तक का उनका सफर बताता है कि उन्होंने यह मुकाम किसी शॉर्टकट से नहीं, बल्कि संघर्ष, मेहनत और अभिनय के दम पर हासिल किया था।
Navyug Samachar