
यूपी डेस्क: उत्तर प्रदेश विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों पर होने वाले चुनाव की तस्वीर अब साफ होने लगी है। बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच के बाद कुल 188 नामांकनों में से 159 को वैध पाया गया, जबकि 29 नामांकन निरस्त कर दिए गए। अब उम्मीदवारों के पास 9 अक्टूबर तक नाम वापस लेने का मौका है। इसके बाद चुनाव मैदान में मौजूद प्रत्याशियों की अंतिम सूची सामने आएगी। इन 11 सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा।
आगरा में सबसे ज्यादा नामांकन खारिज
नामांकन पत्रों की जांच के दौरान सबसे ज्यादा पर्चे आगरा खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में निरस्त किए गए। यहां कुल 20 नामांकन दाखिल हुए थे, जिनमें से सात खारिज होने के बाद 13 उम्मीदवार वैध पाए गए हैं।
लखनऊ खंड स्नातक क्षेत्र में 22 नामांकन में से पांच निरस्त हुए और 17 उम्मीदवार वैध बचे हैं। प्रयागराज-झांसी खंड स्नातक क्षेत्र में 19 नामांकन दाखिल हुए थे, जिनमें चार निरस्त होने के बाद 15 उम्मीदवार चुनाव के लिए योग्य पाए गए। मेरठ खंड स्नातक क्षेत्र में 10 नामांकन में से दो पर्चे खारिज किए गए हैं।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक में 19 में से दो, लखनऊ खंड शिक्षक में 14 में से एक, मेरठ खंड शिक्षक में 11 में से एक और वाराणसी खंड शिक्षक में 14 में से चार नामांकन निरस्त हुए हैं। वहीं आगरा और बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में दाखिल सभी नामांकन वैध पाए गए हैं।
9 अक्टूबर तक नाम वापस लेने का मौका
नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद अब प्रत्याशियों के पास नाम वापस लेने का अवसर है। उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकते हैं। इसके बाद सभी 11 निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की अंतिम संख्या स्पष्ट हो जाएगी।
इस चुनाव में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटें शामिल हैं। मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल दिसंबर में समाप्त होना है। 23 अक्टूबर को मतदान के बाद नई परिषद के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
करीब एक साल तैयारी के बाद चुनाव से कांग्रेस बाहर
इस चुनाव में बड़ा राजनीतिक बदलाव कांग्रेस के आधिकारिक तौर पर पीछे हटने से आया है। पार्टी ने विधान परिषद की इन 11 सीटों के चुनाव के लिए करीब एक साल तक संगठनात्मक और चुनावी तैयारियां की थीं। पर्यवेक्षक और समन्वयक नियुक्त किए गए थे, कंट्रोल रूम बनाया गया था और कई संभावित उम्मीदवारों ने महीनों तक अपने निर्वाचन क्षेत्रों में तैयारी और प्रचार किया था।
हालांकि चुनाव की घोषणा के बाद कांग्रेस ने पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार उतारने से कदम पीछे खींच लिया। पार्टी का कहना है कि फिलहाल उसका मुख्य फोकस 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर है। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी के साथ विपक्षी गठबंधन को मजबूत रखना भी उसकी प्राथमिकता है।
कांग्रेस से जुड़े कुछ नेता निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतर गए हैं। ऐसे में कई सीटों पर सियासी समीकरण पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। कांग्रेस के इस फैसले से पार्टी की करीब एक साल की चुनावी तैयारियों पर भी सवाल खड़े हुए हैं।
जिन नेताओं और संभावित उम्मीदवारों ने लंबे समय तक जमीनी स्तर पर तैयारी की थी, उनके सामने अब पार्टी के आधिकारिक समर्थन के बिना चुनाव लड़ने या पीछे हटने की स्थिति है। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में स्थानीय प्रभाव रखने वाले नेताओं के निर्दलीय मैदान में उतरने से कुछ सीटों पर सपा के लिए वोट बंटने की चुनौती भी पैदा हो सकती है।
BJP और SP के बीच सीधा मुकाबला होने के आसार
कांग्रेस के आधिकारिक तौर पर पीछे हटने के बाद यूपी एमएलसी चुनाव में कई सीटों पर मुख्य मुकाबला भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच सिमटता नजर आ रहा है। भाजपा 11 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा पहले ही कर चुकी थी। पार्टी ने कई जगह अनुभवी और चुनावी रूप से मजबूत चेहरों पर दांव लगाया है।
वहीं सपा के लिए यह चुनाव 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अपने संगठन और शिक्षक-स्नातक वोट बैंक की ताकत परखने का मौका है। इन निर्वाचन क्षेत्रों में आम विधानसभा चुनाव की तुलना में मतदाता समूह अलग होता है। ऐसे में स्थानीय संगठन, शिक्षक संगठनों और पेशेवर समूहों के बीच उम्मीदवार की पकड़ चुनाव परिणाम पर महत्वपूर्ण असर डाल सकती है।
23 अक्टूबर को 11 सीटों पर मतदान
अब राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की नजर 9 अक्टूबर को नाम वापसी की अंतिम तारीख पर है। इसके बाद चुनाव मैदान में मौजूद प्रत्याशियों की अंतिम संख्या सामने आएगी और दल अपने चुनावी अभियान को तेज करेंगे।
23 अक्टूबर को 11 सीटों के लिए मतदान होगा। इन सीटों के परिणाम भाजपा और सपा की जमीनी पकड़ का संकेत देने के साथ 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों की चुनावी रणनीति के लिए भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
Navyug Samachar