
बिहार डेस्क: लोकआस्था के महापर्व छठ पूजा का नाम आते ही दूसरे शहरों में रहने वाले बिहारियों को अपने घर लौटने की चिंता सताने लगती है। नौकरी या पढ़ाई के लिए घर से दूर रहने वालों के लिए छठ सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि परिवार के साथ जुड़ने और घर लौटने का खास मौका होता है। लेकिन जैसे-जैसे छठ नजदीक आता है, ट्रेन में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है और फ्लाइट का किराया भी बजट से काफी बाहर पहुंच जाता है। ऐसे में घर जाने का प्लान कैंसिल करने के बजाय इन विकल्पों पर नजर डाल सकते हैं।
कनेक्टिंग ट्रेन या दूसरा रूट देखें
अगर आपके शहर से सीधे घर जाने वाली ट्रेन में टिकट नहीं मिल रही है तो सिर्फ उसी ट्रेन या रूट पर निर्भर न रहें। आसपास के किसी बड़े रेलवे स्टेशन तक पहुंचकर वहां से दूसरी ट्रेन लेने का विकल्प भी देखा जा सकता है।
हालांकि, कनेक्टिंग ट्रेन से सफर करते समय दोनों ट्रेनों की टाइमिंग जरूर जांच लें। पहली ट्रेन लेट होने पर दूसरी ट्रेन छूट सकती है। इसलिए दोनों ट्रेनों के बीच पर्याप्त अंतर रखना बेहतर होगा, ताकि सफर के दौरान परेशानी न हो।
स्लीपर या लग्जरी बस भी हो सकती है विकल्प
ट्रेन में जगह नहीं मिल रही है तो बसों की उपलब्धता भी चेक कर सकते हैं। लंबी दूरी के लिए स्लीपर बस या बैठने वाली लग्जरी बस का विकल्प काम आ सकता है।
छठ के दौरान बसों की मांग भी काफी बढ़ जाती है और किराया सामान्य दिनों की तुलना में काफी ज्यादा हो सकता है। इसलिए बस से जाने का मन है तो आखिरी समय तक इंतजार करने के बजाय पहले ही टिकट बुक कर लेना बेहतर है। अभी बिहार जाने वाली कई बसों का किराया 2,000 रुपये से ऊपर पहुंच चुका है।
तत्काल टिकट का विकल्प आजमाएं
अगर सामान्य बुकिंग में टिकट नहीं मिली है तो तत्काल टिकट भी एक विकल्प हो सकता है। तत्काल बुकिंग खुलने के समय टिकट तेजी से भर सकती हैं, इसलिए यात्रा की तारीख और ट्रेन पहले से तय रखना जरूरी है।
बुकिंग शुरू होते ही प्रक्रिया पूरी करने से टिकट मिलने की संभावना बेहतर हो सकती है। इसके लिए जरूरी जानकारी पहले से तैयार रखें, ताकि टिकट बुक करते समय ज्यादा समय न लगे।
करंट बुकिंग भी जरूर चेक करें
यात्रा की तारीख करीब आ गई है और अब तक टिकट नहीं मिली है तो करंट बुकिंग की उपलब्धता भी देख सकते हैं। कई बार चार्ट तैयार होने से पहले उपलब्ध सीटों के आधार पर करंट बुकिंग में टिकट मिल सकती है।
जिस ट्रेन में पहले सीट उपलब्ध नहीं थी, उसमें बाद में कोई सीट खाली हो सकती है। इसलिए यात्रा के नजदीक आने पर करंट बुकिंग की स्थिति जरूर जांचते रहें।
स्पेशल ट्रेन भी आ सकती है काम
छठ के दौरान रेलवे की ओर से स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जाती हैं। इनमें सामान्य ट्रेनों की तुलना में टिकट मिलना आसान हो सकता है। इसलिए अपने रूट पर चलने वाली स्पेशल ट्रेनों की जानकारी भी लगातार चेक करते रहें।
हालांकि, इन ट्रेनों का किराया रोजाना चलने वाली ट्रेनों से ज्यादा हो सकता है। कई यात्रियों की शिकायत रहती है कि कुछ स्पेशल ट्रेनें अपने रूट पर काफी देरी से चलती हैं। इसी वजह से कुछ लोग इनमें टिकट बुक करने से बचते हैं।
लेकिन अगर आपके पास पर्याप्त समय है और आप घर के लिए थोड़ा पहले निकल सकते हैं तो स्पेशल ट्रेन भी अच्छा विकल्प बन सकती है। इनमें दूसरी ट्रेनों के मुकाबले भीड़ कम होने की संभावना भी रहती है।
छठ के दौरान घर जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है, इसलिए किसी एक विकल्प पर निर्भर रहना सही नहीं है। ट्रेन के अलावा कनेक्टिंग रूट, बस, तत्काल, करंट बुकिंग और स्पेशल ट्रेन जैसे विकल्पों को भी देखते रहें। अगर फ्लाइट का किराया बजट से बाहर है तो अलग-अलग साधनों को मिलाकर भी घर पहुंचने का रास्ता निकाला जा सकता है। सबसे जरूरी बात यह है कि टिकट और रूट की योजना जितनी जल्दी बनाएंगे, सफर उतना ही आसान हो सकता है।
Navyug Samachar