Wednesday , 21 October 2026

गोल्ड से चूके मनीष नरवाल, लेकिन सिल्वर जीतकर किया बड़ा कमाल, 2028 पैरालंपिक का टिकट पक्का

खेल डेस्क: जापान के नागोया में आयोजित एशियाई पैरा खेल 2026 में भारतीय निशानेबाज मनीष नरवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा के फाइनल में वह स्वर्ण पदक जीतने से चूक गए, लेकिन दूसरे स्थान पर रहते हुए उन्होंने लॉस एंजिलिस पैरालंपिक 2028 के लिए कोटा हासिल कर लिया। वहीं, महिला वर्ग में सृष्टि अरोड़ा ने कांस्य पदक जीतकर भारत की उपलब्धियों में एक और इजाफा किया।

निशानेबाजी में भारत ने जीते चार पदक

एशियाई पैरा खेलों में भारतीय निशानेबाजों का प्रदर्शन अब तक शानदार रहा है। इस स्पर्धा में मनीष नरवाल के रजत पदक के साथ निशानेबाजी में भारत के कुल पदकों की संख्या चार हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक जीता है।

पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा के फाइनल में मनीष नरवाल ने 233.7 अंक हासिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। दक्षिण कोरिया के जो जियोंगडू ने 241.3 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता और एशियाई पैरा खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। चीन के यांग चाओ ने कांस्य पदक अपने नाम किया। भारत के रुद्रांक्ष खंडेलवाल 127.3 अंक के साथ सातवें स्थान पर रहे।

फाइनल में अच्छी शुरुआत के बावजूद गोल्ड से चूके नरवाल

हरियाणा के बल्लभगढ़ के रहने वाले अर्जुन पुरस्कार विजेता मनीष नरवाल ने फाइनल में अच्छी शुरुआत की थी। हालांकि, शुरुआती पांच शॉट के बाद दक्षिण कोरिया के जो जियोंगडू ने 4.3 अंकों की बढ़त बना ली। कोरियाई निशानेबाज ने अंत तक अपनी बढ़त कायम रखी और स्वर्ण पदक जीत लिया।

नरवाल ने क्वालिफिकेशन राउंड में 570 अंक हासिल कर पांचवां स्थान प्राप्त किया था और फाइनल में जगह बनाई थी। वहीं, भारत के रुद्रांक्ष खंडेलवाल ने 571 अंक के साथ क्वालिफिकेशन में दूसरा स्थान हासिल किया था।

पेरिस पैरालंपिक में भी नरवाल ने जीता था रजत

मनीष नरवाल के लिए यह पदक उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे पहले उन्होंने पेरिस पैरालंपिक 2024 में भी पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में रजत पदक जीता था। वहीं, 2023 में हांगझोउ में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया था।

नरवाल शुरुआत में पेशेवर फुटबॉलर बनना चाहते थे, लेकिन शारीरिक अक्षमता के कारण उन्होंने निशानेबाजी को अपना करियर बनाया। अपनी मेहनत और प्रदर्शन के दम पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बनाई है। अब एशियाई पैरा खेलों में रजत पदक के साथ लॉस एंजिलिस पैरालंपिक 2028 का कोटा हासिल करना उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि है।

सृष्टि अरोड़ा ने भी कांस्य पदक जीतकर बढ़ाया भारत का गौरव

महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में भारतीय निशानेबाज सृष्टि अरोड़ा ने 214.7 अंक हासिल कर कांस्य पदक जीता। इस स्पर्धा में ईरान की फ़ैज़ेह अहमदी ने 237.3 अंक के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि उनकी हमवतन सारेह जवानमर्दी 237 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं।

भारत की दूसरी निशानेबाज सुमेधा पाठक 111.4 अंक हासिल करने के बाद फाइनल से बाहर होने वाली पहली खिलाड़ी रहीं। सृष्टि के कांस्य पदक ने भारतीय निशानेबाजी दल के प्रदर्शन को और मजबूती दी।

क्या होती है एसएच1 श्रेणी?

एसएच1 पैरा निशानेबाजी की वह श्रेणी है, जिसमें ऐसे खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं जिन्हें हाथ या पैर में शारीरिक अक्षमता होती है, लेकिन वे बिना अतिरिक्त सहारे के बंदूक पकड़कर निशाना लगा सकते हैं। इस श्रेणी में मनीष नरवाल और सृष्टि अरोड़ा के पदक भारत के लिए अहम उपलब्धि हैं। नरवाल ने भले ही स्वर्ण पदक नहीं जीता, लेकिन रजत पदक के साथ 2028 पैरालंपिक का कोटा हासिल कर उन्होंने आगामी प्रतियोगिता के लिए अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है।

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