Wednesday , 28 October 2026

’10 लाख लोग जुटने से कारोबार कैसे बढ़ेगा?’ राहुल गांधी से दिल्ली के व्यापारियों का सवाल, रैली टालने की भी रखी शर्त

नेशनल डेस्क: दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को होने वाली इंडिया गठबंधन की रैली से पहले व्यापारियों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सामने अपनी बात रखी है। व्यापारियों का कहना है कि अगर राहुल गांधी उन्हें समझा दें कि रैली में 10 लाख लोगों के जुटने से कारोबार और ग्राहकों की संख्या कैसे बढ़ेगी, तो वे अपना विरोध वापस लेकर रैली का स्वागत करेंगे। वहीं, अगर बातचीत में यह स्पष्ट होता है कि रैली से व्यापार प्रभावित हो सकता है, तो व्यापारी चाहते हैं कि जनहित में कार्यक्रम को दिवाली के बाद तक टाल दिया जाए।

CTI ने राहुल गांधी से मांगा 20 मिनट का समय

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर मुलाकात के लिए 20 मिनट का समय मांगा है। इस बैठक में रामलीला मैदान के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले 20 प्रमुख बाजारों के व्यापारियों को शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया है।

सीटीआई ने पत्र में कहा है कि यदि राहुल गांधी व्यापारियों को यह समझा देते हैं कि रैली में जुटने वाली भीड़ से कारोबार को फायदा होगा और ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी, तो व्यापारी संगठन तत्काल अपना विरोध वापस ले लेगा। इसके बाद व्यापारी रैली का स्वागत भी करेंगे।

इसके उलट, यदि व्यापारी अपनी बात से यह समझाने में सफल रहते हैं कि बड़ी भीड़ के कारण कारोबार को नुकसान पहुंच सकता है, तो संगठन ने कार्यक्रम को टालने की मांग की है। व्यापारियों ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए समाधान निकालना है।

राहुल गांधी ने रैली तय समय पर कराने के दिए थे संकेत

व्यापारियों की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब राहुल गांधी ने उनकी चिंताओं के बावजूद एक नवंबर की रैली निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित करने के संकेत दिए थे।

सोमवार को सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में राहुल गांधी ने कहा था कि उन्होंने दिल्ली के व्यापारियों की चिंताओं को सुना है। इसी पोस्ट में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग का उल्लेख करते हुए कहा था कि ऐसा होने पर विरोध प्रदर्शन 30 सेकंड में समाप्त हो सकता है।

व्यापारियों का पत्र इसी मुद्दे पर सीधे संवाद की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। सीटीआई ने अपने पत्र में कहा है कि राहुल गांधी सभी की बात सुनने की बात करते हैं, इसलिए 20 बाजारों के प्रतिनिधि उनसे केवल 20 मिनट का समय मांग रहे हैं।

रामलीला मैदान के आसपास के 20 बाजारों पर असर की आशंका

सीटीआई के मुताबिक, रामलीला मैदान में होने वाली रैली से एक से पांच किलोमीटर के दायरे में स्थित बाजारों में कारोबार प्रभावित होने की आशंका है। व्यापारियों की चिंता मुख्य रूप से भीड़, आवाजाही और ग्राहकों के बाजारों तक पहुंचने की स्थिति को लेकर है।

प्रभावित होने की आशंका वाले बाजारों में चांदनी चौक, भागीरथ पैलेस, खारी बावली, सदर बाजार, चावड़ी बाजार, कश्मीरी गेट, नबी करीम, करोल बाग, अजमेरी गेट और दरियागंज शामिल हैं।

इसके अलावा नई सड़क, किनारी बाजार, दरीबा कलां, फतेहपुरी, नया बाजार, फिल्मिस्तान, पहाड़गंज, गफ्फार मार्केट, जामा मस्जिद-मीना बाजार और लाजपत राय मार्केट के व्यापारियों की चिंताएं भी इस प्रस्ताव का हिस्सा हैं।

अब व्यापारियों की मांग है कि रैली से पहले राहुल गांधी के साथ बैठक हो, ताकि कारोबार पर संभावित असर को लेकर दोनों पक्ष अपनी बात रख सकें। संगठन ने साफ किया है कि वह विरोध के बजाय संवाद के जरिए समाधान चाहता है।

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