यूपी डेस्क: लखनऊ के चर्चित तिहरे हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। तीन लोगों की हत्या के मामले में फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी हिस्ट्रीशीटर राजेश शुक्ला को सआदतगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। राजेश शुक्ला इस हत्याकांड के मुख्य आरोपित ऋषभ शुक्ला का चाचा है। पुलिस ने उसे सआदतगंज इलाके से ही दबोचा। अब पुलिस की टीमें मामले में फरार चल रही ऋषभ की बहन दिव्या की तलाश में जुटी हैं, जिस पर भी 25 हजार रुपये का इनाम घोषित है।
इस मामले में पुलिस अब तक मुख्य आरोपित ऋषभ शुक्ला समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। राजेश की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की कार्रवाई उस समय तेज हुई, जब पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर मामले में न्याय का भरोसा दिलाया था।
डीजीपी की मुलाकात के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने शुक्रवार को ब्राह्मणी टोला पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया था। इसके बाद उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और मृतक शिवाजी तिवारी की पत्नी को उचित न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
मुलाकात के दौरान शिवाजी तिवारी की पत्नी ने राजेश शुक्ला उर्फ तुन्नू और उसके चचेरे भाई रविंद्र शुक्ला के एनकाउंटर की मांग की थी। इसके करीब 24 घंटे के भीतर ही पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी राजेश शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया।
पार्किंग और चबूतरे के विवाद में हुई थी तीन हत्याएं
लखनऊ में 26 अक्टूबर को कार पार्किंग और चबूतरे को लेकर हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया था। आरोप है कि ऋषभ शुक्ला ने गोली मारकर तीन लोगों की हत्या कर दी थी। मृतकों में सचिवालय के सेवानिवृत्त कर्मचारी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला कार्यवाह रहे 62 वर्षीय शिवाजी तिवारी, लखनऊ विश्वविद्यालय में कार्यरत उनके भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभू और शिवाजी तिवारी के 30 वर्षीय बेटे सुयश तिवारी शामिल थे।
इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। हत्याकांड के मुख्य आरोपित ऋषभ शुक्ला को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अब उसके चाचा राजेश शुक्ला की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले से जुड़े अन्य फरार आरोपितों की तलाश में जुटी है।
5 दिसंबर को होनी थी सुयश की शादी
इस हत्याकांड ने परिवार की खुशियों को भी मातम में बदल दिया। बिजली के सामान का कारोबार करने वाले सुयश तिवारी की शादी आगामी 5 दिसंबर को होनी थी। परिवार में विवाह की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन 26 अक्टूबर की घटना ने सब कुछ खत्म कर दिया।
बताया गया है कि शिवाजी तिवारी और ऋषभ शुक्ला के परिवार के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि जिस परिवार को शिवाजी तिवारी ने वर्षों पहले पनाह दी थी, उसी परिवार के लोगों से बाद में उनका विवाद हो गया था।
अब फरार दिव्या की तलाश में पुलिस की टीमें
राजेश शुक्ला की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का अगला लक्ष्य फरार आरोपित दिव्या को पकड़ना है। दिव्या मुख्य आरोपित ऋषभ शुक्ला की बहन है और उस पर भी 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं।
पुलिस पहले ही इस मामले में छह आरोपितों को जेल भेज चुकी है। अब राजेश की गिरफ्तारी और दिव्या की तलाश के बीच इस तिहरे हत्याकांड की जांच आगे बढ़ रही है।
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