Sunday , 13 September 2026

US पढ़ाई पर उठे सवालों के बीच अभिजीत दिपके की सफाई, स्कॉलरशिप लेटर किया सार्वजनिक, CJP फंडिंग पर भी दिया जवाब

नेशनल डेस्क: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अमेरिका में अपनी पढ़ाई और पार्टी की फंडिंग को लेकर उठ रहे सवालों पर पहली बार विस्तार से प्रतिक्रिया दी है। परिवार की आर्थिक स्थिति की जांच की मांग के बीच दिपके ने दावा किया कि उन्होंने Boston University में अपनी पढ़ाई स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन के सहारे पूरी की। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में स्कॉलरशिप लेटर भी सार्वजनिक किया।

दिपके का यह बयान ऐसे समय आया है जब CJP की फंडिंग, कानूनी स्थिति और आंदोलन के दौरान मिले आर्थिक सहयोग को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।

RTI शिकायत के बाद सामने रखी अपनी बात

वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त को दिए एक इंटरव्यू में अभिजीत दिपके ने उन आरोपों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि उनकी अमेरिका की पढ़ाई परिवार की कथित अघोषित संपत्ति के जरिए हुई। उन्होंने कहा कि Boston University से मिली स्कॉलरशिप के साथ उन्होंने एजुकेशन लोन लिया था, जिसकी राशि उन्हें अब चुकानी है। इसी दौरान उन्होंने अपना स्कॉलरशिप लेटर भी सार्वजनिक किया।

परिवार की आय की जांच की उठी मांग

1 अगस्त को सूरत के RTI कार्यकर्ता अमित तिवारी ने महाराष्ट्र सरकार सहित कई सरकारी एजेंसियों को शिकायत भेजकर अभिजीत दिपके के परिवार की आर्थिक स्थिति की जांच कराने की मांग की थी।

शिकायत में कहा गया कि दिपके के पिता भगवानराव दिपके महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MIDC) में जूनियर इंजीनियर थे। इसमें सवाल उठाया गया कि लगभग 60 से 65 हजार रुपये मासिक वेतन पाने वाला सरकारी कर्मचारी अपने बच्चों को अमेरिका में उच्च शिक्षा के लिए कैसे भेज सका।

क्राउडफंडिंग से जुटाई जाएगी पार्टी की फंडिंग

CJP की भविष्य की फंडिंग को लेकर पूछे गए सवाल पर अभिजीत दिपके ने कहा कि पार्टी आगे क्राउडफंडिंग के माध्यम से लोगों से आर्थिक सहयोग जुटाएगी। उन्होंने दावा किया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी और जनता से मिलने वाले प्रत्येक सहयोग का सार्वजनिक रूप से हिसाब रखा जाएगा।

आंदोलन में जनता के सहयोग का किया दावा

दिपके ने NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि आंदोलन को आम लोगों का व्यापक समर्थन मिला। उनके अनुसार प्रदर्शन में शामिल लोगों ने स्वयं भोजन की व्यवस्था की और कई लोग अपने साथ पानी की बोतलें लेकर पहुंचे। उन्होंने कहा कि आंदोलन किसी बड़े आर्थिक स्रोत के बजाय जनसहयोग से संचालित हुआ।

दिल्ली पुलिस को लेकर भी किया दावा

अभिजीत दिपके ने यह भी दावा किया कि आंदोलन के दौरान दिल्ली पुलिस के कुछ कर्मियों ने निजी स्तर पर प्रदर्शनकारियों की मदद की थी। उनके अनुसार कुछ पुलिसकर्मियों ने पहचान गुप्त रखने की शर्त पर प्रदर्शनकारियों को पानी की बोतलें उपलब्ध कराईं। दिपके का कहना है कि उन पुलिसकर्मियों के बच्चे भी NEET की तैयारी कर रहे थे और वे आंदोलन के प्रति सहानुभूति रखते थे। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

कपिल सिब्बल के लीगल एड फंड के बाद बढ़ी चर्चा

CJP की फंडिंग उस समय और चर्चा में आई जब वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सांसद कपिल सिब्बल ने NEET आंदोलन के दौरान गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों के लिए एक करोड़ रुपये के लीगल एड फंड की घोषणा की थी।

इसके बाद RTI कार्यकर्ता अमित तिवारी ने चुनाव आयोग से CJP की कानूनी स्थिति की जांच कराने और इस आर्थिक सहायता की भी पड़ताल करने की मांग की।

वैष्णवी गौर ने किया पलटवार

CJP की प्रवक्ता वैष्णवी गौर ने RTI शिकायत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि किसी निजी व्यक्ति की शिक्षा पर हुए खर्च की जांच हो सकती है तो PM CARES Fund की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि जो लोग किसी निजी व्यक्ति की पढ़ाई के खर्च पर RTI लगा रहे हैं, उन्हें PM CARES Fund को भी देखना चाहिए।

आरोपों को बताया राजनीतिक

CJP ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी की फंडिंग और कानूनी स्थिति को लेकर उठाए जा रहे सवाल राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं। पार्टी का दावा है कि यह सब उसकी छवि खराब करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

 

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