Sunday , 4 October 2026

सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरी CJP, कांग्रेस को दी नसीहत; धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सरकार से मांगा सीधा जवाब

नई दिल्ली डेस्क: नीट विवाद को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना रुख और सख्त कर लिया है। संगठन ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है। CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा है कि इस मुद्दे पर अब केवल हां या ना में जवाब चाहिए।

इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आमरण अनशन खत्म करने को लेकर उठ रहे सवालों पर भी CJP ने प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष की ओर से सोनम वांगचुक की तुलना ‘अन्ना आंदोलन पार्ट-2’ से किए जाने पर संगठन ने नाराजगी जताई है।

सोनम वांगचुक को ट्रोल करने पर CJP ने जताई नाराजगी

सोनम वांगचुक के वीडियो संदेश का जिक्र करते हुए CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने उनके खिलाफ हो रही आलोचना की निंदा की। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने देश के भविष्य के लिए 26 दिनों तक भूख हड़ताल की और अपनी जान जोखिम में डाली, उसे ट्रोल करना शर्मनाक है।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद की ओर से सोनम वांगचुक के आंदोलन को ‘अन्ना आंदोलन पार्ट-2’ और सरकार के साथ निजी समझौते से जोड़ने वाले बयान पर भी रांका ने प्रतिक्रिया दी।

‘सोनम वांगचुक ने छात्रों के हित में की बातचीत’

आशुतोष रांका ने सोनम वांगचुक का बचाव करते हुए कहा कि कांग्रेस को इस मामले में सोचने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक ने जाते-जाते सरकार के साथ छात्रों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की है।

रांका के मुताबिक, बातचीत में छात्रों पर कानूनी कार्रवाई न करने और उन्हें मुआवजा देने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसे में सोनम वांगचुक पर सवाल उठाना सही नहीं है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर CJP का सरकार को अल्टीमेटम

नीट विवाद को लेकर CJP ने सरकार से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर स्थिति साफ करने की मांग की है। आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर गोलमोल जवाब नहीं देना चाहिए और केवल हां या ना में अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।

उन्होंने बताया कि सरकार के साथ प्रस्तावित बैठक के लिए दोपहर 3.30 से 4 बजे के बीच का समय दिया गया है, हालांकि बैठक की जगह तय नहीं हुई है।

‘इस्तीफे पर अब चर्चा की गुंजाइश नहीं’

आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार के साथ जिन दो मांगों पर सैद्धांतिक सहमति बनी है, उनकी लिखित पुष्टि चाहिए ताकि उन मुद्दों को समाप्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर अब सिर्फ स्पष्ट जवाब चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर सरकार इस्तीफा नहीं लेने का फैसला करती है तो उसे भी साफ तौर पर बताना चाहिए, क्योंकि इसके बाद बैठकों का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।

सरकार के रुख के बाद तय होगी आगे की रणनीति

CJP नेता आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई मुलाकात को सकारात्मक बताया। हालांकि उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर फैसला आने के बाद ही संगठन अपनी आगे की रणनीति तय करेगा।

उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स में शिक्षा मंत्री के इस्तीफा नहीं देने की बात सामने आ रही है, लेकिन सरकार को इस पर आधिकारिक रूप से स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

NTA अधिकारियों पर कार्रवाई को बताया अपर्याप्त

हाल ही में शिक्षा मंत्रालय की ओर से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों पर की गई कार्रवाई को CJP ने पर्याप्त नहीं माना है। आशुतोष रांका ने कहा कि पेपर लीक और छात्रों से जुड़े गंभीर मामलों की अंतिम जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री की बनती है, इसलिए उनका इस्तीफा जरूरी है।

 

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