लखनऊ: शत्रु संपत्तियों को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब इन संपत्तियों को न तो किराये पर दिया जाएगा और न ही लीज पर। मौजूदा लीज का नवीनीकरण भी नहीं किया जाएगा। किरायेदारी या लीज की अवधि समाप्त होने के बाद गृह मंत्रालय इन संपत्तियों को अपने कब्जे में लेकर नीलाम करेगा। वहीं, अवैध कब्जे वाली संपत्तियों को 15 दिन के भीतर खाली कराने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय में कब्जा नहीं हटाने पर बेदखली की कार्रवाई की जाएगी।
जिलों के डीएम को भेजा गया पत्र
गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद अभिरक्षा कार्यालय लखनऊ ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पत्र में शत्रु संपत्तियों पर कब्जे की स्थिति की जांच करने और अवैध कब्जेदारों से संपत्ति खाली कराने को कहा गया है।
जिन लोगों के पास वैध किरायेदारी, लीज या लाइसेंस का अनुबंध है, उनसे अनुबंध की अवधि पूरी होने के बाद संपत्ति खाली कराई जाएगी। किसी भी मौजूदा अनुबंध की अवधि आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। वहीं, जिन लोगों के पास वैध अनुबंध नहीं है, उन्हें 15 दिन के भीतर परिसर खाली करना होगा। निर्धारित समय के बाद भी संपत्ति खाली नहीं करने पर बेदखली की कार्रवाई की जाएगी।
यूपी और उत्तराखंड में करीब 5600 शत्रु संपत्तियां
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में करीब 5600 शत्रु संपत्तियां बताई गई हैं। इनमें बड़ी संख्या में बेशकीमती संपत्तियों पर अवैध कब्जे होने की बात सामने आई है। वहीं, जो संपत्तियां किराये या लीज पर दी गई हैं, उनसे सरकार को बेहद कम किराया मिल रहा है। इसी स्थिति को देखते हुए गृह मंत्रालय ने संपत्तियों को लेकर यह सख्त व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं।
हजरतगंज की 10 हजार वर्गमीटर संपत्ति का किराया महज 700 रुपये
राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके हजरतगंज स्थित हलवासिया मार्केट भी शत्रु संपत्ति में शामिल है। करीब 10 हजार वर्गमीटर में बनी इस संपत्ति का मासिक किराया महज 700 रुपये है। दशकों से लीज पर होने के कारण इतनी बड़ी और बेशकीमती संपत्ति से अभिरक्षा कार्यालय को बेहद कम आय हो रही है।
हलवासिया मार्केट की लीज अगले साल समाप्त होने वाली है। इसके बाद मौजूदा निर्देशों के तहत लीज का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा और संपत्ति को आगे की प्रक्रिया के लिए सरकार अपने कब्जे में लेगी।
इन संपत्तियों से भी मिल रहा बेहद कम किराया
लखनऊ में कोहली ब्रदर्स की करीब 400 वर्गमीटर की संपत्ति का मासिक किराया केवल 250 रुपये है। वहीं, कपूर होटल से 8 हजार रुपये, टाटा समूह से 3 हजार रुपये और करीब 400 वर्गमीटर में स्थित महाटेक्स हैंडलूम से 2 हजार रुपये प्रति माह किराया लिया जा रहा है।
गृह मंत्रालय ने शत्रु संपत्तियों से होने वाली कम आय और उन पर अवैध कब्जों को देखते हुए अब इन्हें व्यवस्थित तरीके से खाली कराने और अनुबंध खत्म होने के बाद नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
Navyug Samachar
