बरेली: कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सावन माह के प्रत्येक सोमवार को जिले के सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित कर दिया है। हालांकि, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को विद्यालयों में उपस्थित रहकर प्रशासनिक एवं शासकीय कार्यों का निपटारा करना होगा।
किन संस्थानों पर लागू होगा आदेश?
जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार, बरेली जिले के सभी यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्डों से संचालित शिक्षण संस्थानों में छात्रों की छुट्टी रहेगी। इसके अलावा दिल्ली रोड और बदायूं रोड के पांच किलोमीटर के दायरे में स्थित सभी स्कूल, महाविद्यालय, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, तकनीकी शिक्षण संस्थान और अन्य शैक्षणिक संस्थान भी इस आदेश के दायरे में आएंगे।
स्टाफ की उपस्थिति रहेगी अनिवार्य
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए रहेगा। शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को निर्धारित समय पर संस्थानों में उपस्थित रहकर आवश्यक प्रशासनिक और शासकीय कार्य संपन्न करने होंगे।
परीक्षाओं पर नहीं पड़ेगा असर
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी बोर्ड, विश्वविद्यालय, कॉलेज या आयोग की पूर्व निर्धारित परीक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित होंगी। परीक्षा कार्यक्रम में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा।
भीड़ नियंत्रण के लिए तैयार किया गया माइक्रो प्लान
कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने विस्तृत माइक्रो प्लान तैयार किया है। सातों नाथ मंदिरों पर प्रत्येक सोमवार को संभावित भीड़ के अनुसार अलग-अलग रणनीति बनाई गई है। पूरे जिले को तीन सुपर जोन, नौ जोन, 28 सेक्टर और 104 सब-सेक्टर में विभाजित कर अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
यात्रा की निगरानी के लिए आठ ड्रोन कैमरे लगाए जाएंगे, जबकि कंट्रोल रूम को भी पूरी तरह सक्रिय रखा जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य जीरो इंसिडेंट और जीरो एक्सीडेंट के साथ कांवड़ यात्रा संपन्न कराना है।
रूट डायवर्जन और अतिरिक्त बसों की व्यवस्था
श्रावण मास के पहले सोमवार को देखते हुए शुक्रवार रात 12 बजे से सोमवार रात 12 बजे तक विशेष ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया गया है। रोडवेज बसों का संचालन वैकल्पिक मार्गों से किया जाएगा और यात्रियों से घर से निकलने से पहले रूट की जानकारी लेने की अपील की गई है।
वहीं कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए हरिद्वार और गढ़मुक्तेश्वर मार्ग पर 32 अतिरिक्त बसों का संचालन भी शुरू किया गया है। बदायूं मार्ग पर कांवड़ियों की अधिक आवाजाही के कारण बसों को वैकल्पिक रास्तों से भेजा जाएगा।
Navyug Samachar