
सेहत डेस्क : कई बार गलत खानपान और बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल के कारण लोगों को सीने और गले में जलन जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है, जिसे मेडिकल भाषा में हार्टबर्न या एसिड रिफ्लक्स कहा जाता है। यह समस्या आम जरूर है, लेकिन समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह आगे चलकर गंभीर रूप ले सकती है।
क्या होता है एसिड रिफ्लक्स या हार्टबर्न
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एसिड रिफ्लक्स एक पाचन संबंधी समस्या है जिसमें पेट में मौजूद एसिड भोजन नली के जरिए गले तक पहुंचने लगता है। यह स्थिति तब होती है जब पाचन के दौरान बनने वाला एसिड ऊपर की ओर वापस आने लगता है, जिससे जलन और असहजता महसूस होती है।
एसिड रिफ्लक्स के मुख्य लक्षण
इस समस्या में मरीज को पेट का एसिड गले तक आने का एहसास हो सकता है। कई लोगों को गले में खट्टापन महसूस होता है, जबकि कुछ को सीने और गले में जलन की शिकायत रहती है। इसके अलावा भोजन निगलने में कठिनाई भी इसका एक सामान्य लक्षण माना जाता है।
कैसे काम करता है पाचन तंत्र
विशेषज्ञों के अनुसार, जब भोजन भोजन नली से होकर पेट की ओर जाता है, तो एक वाल्व जिसे इसोफेगल स्फिंक्टर कहा जाता है, वह इसे पेट में पहुंचाने का काम करता है। लेकिन जब यह वाल्व ठीक से काम नहीं करता या पेट में एसिड की मात्रा बढ़ जाती है, तो यह एसिड वापस ऊपर की ओर आने लगता है, जिससे हार्टबर्न की समस्या पैदा होती है।
गलत सोने की आदत बढ़ा सकती है समस्या
डॉक्टरों के अनुसार, सोने का तरीका भी इस समस्या को बढ़ा सकता है। पेट या पीठ के बल सोने से एसिड रिफ्लक्स का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में एसिड आसानी से ऊपर की ओर आ सकता है, जिससे जलन और असहजता बढ़ जाती है।
क्या है सही तरीका
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि एसिड रिफ्लक्स से बचने के लिए करवट लेकर सोना अधिक फायदेमंद होता है। इससे पेट का एसिड नीचे ही रहता है और गले तक नहीं पहुंच पाता, जिससे इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
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