
महाराष्ट्र डेस्क: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच महाराष्ट्र के बीड जिले तक पहुंच गई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी चेतन चौधरी और उसकी मंगेतर सिया गोयल ने कथित तौर पर हत्या की साजिश को अंजाम देने से पहले अपने एक करीबी सहपाठी से इस पूरी योजना का जिक्र किया था। इस खुलासे के बाद पुलिस संबंधित युवक से लगातार पूछताछ कर रही है और उसके डिजिटल रिकॉर्ड की भी गहन जांच की जा रही है।
मई के आखिर में कथित साजिश का किया था जिक्र
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बीड निवासी यह युवक चेतन चौधरी का पुराना सहपाठी है और वर्तमान में पुणे के बालेवाड़ी स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत है। जांच में सामने आया है कि मई 2026 के अंतिम सप्ताह में चेतन चौधरी और सिया गोयल ने उससे संपर्क किया था। इसी दौरान दोनों ने कथित तौर पर केतन अग्रवाल की हत्या की योजना का जिक्र किया और इस संबंध में विस्तार से बातचीत की।
सूत्रों का दावा है कि आरोपियों ने युवक को 18 जून को लोहागढ़ किले की यात्रा पर साथ चलने के लिए भी कहा था। हालांकि, युवक ने उनके साथ जाने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि उसने दोनों को ऐसा कदम न उठाने की सलाह भी दी थी।
हत्या के बाद भी हुई मुलाकात
जांच एजेंसियों के मुताबिक, केतन अग्रवाल की हत्या के बाद चेतन चौधरी ने सिया गोयल के साथ-साथ इस युवक से भी दोबारा मुलाकात की थी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस मुलाकात के दौरान किन विषयों पर चर्चा हुई और क्या उसका संबंध हत्या से था।
इस पहलू को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने युवक के कॉल डिटेल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट, मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि इन रिकॉर्ड से जांच को नई दिशा मिल सकती है।
युवक की भूमिका पर उठे सवाल
इस खुलासे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि यदि युवक को पहले से कथित हत्या की योजना की जानकारी थी तो उसने इसकी सूचना पुलिस या केतन अग्रवाल के परिजनों को क्यों नहीं दी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि उसने इसे मजाक समझा, डर के कारण चुप रहा या इसके पीछे कोई और वजह थी।
हालांकि, अब तक पुलिस ने युवक को इस मामले में आरोपी नहीं बनाया है। अधिकारियों का कहना है कि उसकी भूमिका की हर पहलू से जांच की जा रही है और पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
तीन अहम सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
पुणे ग्रामीण पुलिस फिलहाल पूछताछ के दौरान तीन प्रमुख बिंदुओं पर फोकस कर रही है। पहला, चेतन चौधरी और सिया गोयल ने युवक को कथित हत्या की योजना के बारे में क्या-क्या बताया था। दूसरा, क्या युवक ने यह जानकारी किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा की थी। तीसरा, आखिर आरोपियों ने उसे इस पूरे घटनाक्रम में शामिल करने की कोशिश क्यों की।
जांच अधिकारी यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि युवक की भूमिका केवल जानकारी तक सीमित थी या वह किसी अन्य तरीके से भी इस घटनाक्रम से जुड़ा था। फिलहाल उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उससे पूछताछ जारी है।
जांच में हो सकते हैं और बड़े खुलासे
केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। बीड निवासी युवक से पूछताछ के बाद जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि हत्या की कथित साजिश, उसकी तैयारी और घटना के बाद की गतिविधियों से जुड़े कई और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण किया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष सभी सबूतों की जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जाएगा।
Navyug Samachar