
नेशनल डेस्क : दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लगी भीषण आग ने 21 लोगों की जान ले ली, जबकि कई अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद जब हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल था, तब स्थानीय लोगों ने बिना अपनी जान की परवाह किए राहत और बचाव कार्य में अहम भूमिका निभाई। पुलिस और फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही आसपास के लोग मौके पर जुट गए और आग में फंसे लोगों को बचाने की कोशिश शुरू कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों और राहत कार्य में शामिल स्थानीय लोगों ने बताया कि कैसे उन्होंने फायर फाइटर्स और पुलिस के साथ मिलकर कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और घायलों की जान बचाने की कोशिश की।
‘गद्दे बिछाकर लोगों से कूदने की अपील की’
राहत कार्य में शामिल मोहम्मद अफजल ने बताया कि जब वह और उनके साथी मौके पर पहुंचे, तब तक होटल में आग विकराल रूप ले चुकी थी। हालात इतने गंभीर थे कि लोगों को बाहर निकालने के लिए तत्काल इंतजाम करना पड़ा।
अफजल के मुताबिक, उन्होंने पास की एक दुकान से गद्दे लेकर होटल के नीचे बिछाए और ऊपर फंसे लोगों से उन पर कूदने की अपील की। उनकी इस कोशिश से कुछ लोग सुरक्षित नीचे उतरने में सफल रहे और उनकी जान बच गई।
उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी गई। दमकल कर्मियों के पहुंचने के बाद आग पर काबू पाने की कार्रवाई शुरू हुई, जिसके बाद अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान तेज किया गया।
स्थानीय दुकानदार ने भी बढ़ाया मदद का हाथ
अफजल ने बताया कि राहत कार्य के दौरान आसपास के दुकानदारों ने भी पूरा सहयोग किया। एक दुकान से गद्दों के साथ बेडशीट्स भी उपलब्ध कराई गईं, जिनका इस्तेमाल घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में किया गया।
उन्होंने कहा कि शुरुआती समय में बचाव कार्य के लिए जरूरी संसाधनों की कमी थी, ऐसे में स्थानीय लोगों और व्यापारियों की मदद ने राहत अभियान को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
‘धुएं से बेहोश लोगों को दिया CPR’
राहत कार्य में शामिल वसीम राजा ने बताया कि वह एक अस्पताल में कार्यरत हैं और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। घटना की जानकारी मिलते ही वह मौके पर पहुंचे और पुलिस व बचाव दल के साथ मिलकर लोगों की सहायता शुरू कर दी।
वसीम के अनुसार, कई लोग आग की चपेट में आने से नहीं बल्कि घने धुएं के कारण बेहोश हो गए थे। ऐसे लोगों को बाहर निकालकर तत्काल CPR दिया गया। कुछ लोगों को भवन के अंदर ही प्राथमिक सहायता दी गई, जबकि कई लोगों को बाहर लाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया गया।
उन्होंने बताया कि धुएं के कारण कई लोगों का चेहरा और श्वसन तंत्र प्रभावित हो गया था, लेकिन समय पर चिकित्सा सहायता और CPR मिलने से कुछ लोगों की जान बचाई जा सकी।
फायर टीम के साथ अंदर जाकर किया रेस्क्यू
एक अन्य स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि वह घटना के समय आसपास मौजूद थे। आग लगने की सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में जुट गए।
उन्होंने कहा कि जब दमकल विभाग की टीम पहुंची तो स्थानीय लोग भी उनके साथ होटल के अंदर गए और फंसे लोगों को बाहर निकालने में मदद की। उनके मुताबिक, होटल में ठहरे लोगों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की भी थी, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास किए गए।
स्थानीय लोगों की बहादुरी बनी राहत अभियान की ताकत
मालवीय नगर अग्निकांड में जहां एक ओर बड़ी जनहानि हुई, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों की बहादुरी और त्वरित कार्रवाई ने कई जिंदगियों को बचाने में अहम योगदान दिया। आग की भयावह स्थिति के बीच इन लोगों ने जिस साहस और मानवता का परिचय दिया, वह राहत अभियान का सबसे मजबूत आधार बनकर सामने आया।
Navyug Samachar