
यूपी डेस्क: सावन के दूसरे सोमवार के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों और देशभर से कांवड़ यात्रा पर निकले शिवभक्तों के नाम एक भावपूर्ण ‘पाती’ लिखी। मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा को केवल धार्मिक परंपरा तक सीमित न बताते हुए इसे सामाजिक समरसता, अनुशासन, सेवा और सांस्कृतिक एकता की जीवंत पाठशाला बताया। उन्होंने शिवभक्तों से आस्था के साथ अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का भी पालन करने और यात्रा की मर्यादा बनाए रखने की अपील की।
कांवड़ यात्रा में मिट जाते हैं भेद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रावण मास की कांवड़ यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं को भगवान शिव की भक्ति के एक सूत्र में जोड़ती है। इस यात्रा के दौरान जाति, वर्ग, भाषा, क्षेत्र और आर्थिक स्थिति जैसे भेद पीछे छूट जाते हैं।
उन्होंने कहा कि भगवा वस्त्र, कंधे पर कांवड़ और भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था ही शिवभक्तों की पहचान बनती है। श्रद्धालुओं के रास्ते अलग हो सकते हैं, लेकिन सभी का उद्देश्य महादेव का जलाभिषेक करना होता है।
मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा को सनातन संस्कृति में समभाव और सामाजिक एकता का उदाहरण बताते हुए कहा कि यह यात्रा समाज को एकजुटता, अनुशासन और परस्पर सद्भाव का संदेश देती है।
समुद्र मंथन से जुड़ी है कांवड़ यात्रा की मान्यता
योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा के पौराणिक महत्व का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि समुद्र मंथन के दौरान निकले हलाहल विष को भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा के लिए अपने कंठ में धारण किया था। विष की उष्णता को शांत करने के लिए देवताओं ने भगवान शिव का पवित्र गंगाजल से अभिषेक किया।
इसी पौराणिक मान्यता से सावन के दौरान भगवान शिव को गंगाजल अर्पित करने की परंपरा जुड़ी मानी जाती है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में तप, सेवा और एकता के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि तप से चरित्र निखरता है, सेवा से समाज मजबूत होता है और एकता से राष्ट्र आगे बढ़ता है।
दिव्यांग शिवभक्तों के समर्पण का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा में शामिल दिव्यांग शिवभक्तों के समर्पण को भी विशेष रूप से याद किया। उन्होंने कहा कि जब वह सड़कों पर दिव्यांग श्रद्धालुओं को उत्साह और निष्ठा के साथ कांवड़ लेकर आगे बढ़ते देखते हैं तो उनका मन श्रद्धा और सम्मान से भर जाता है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिवभक्तों की अटूट आस्था और संकल्प ही कांवड़ यात्रा की वास्तविक शक्ति है।
कांवड़ियों से CM योगी की 3 बड़ी अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ियों से धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियां निभाने की अपील की है।
पहली अपील: प्लास्टिक से दूरी
मुख्यमंत्री ने कांवड़ियों से प्लास्टिक-मुक्त जीवन का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने यात्रा के दौरान पर्यावरण के अनुकूल सामग्री का इस्तेमाल करने पर जोर दिया।
दूसरी अपील: एंबुलेंस और स्कूली वाहनों को दें रास्ता
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान यदि रास्ते में कोई एंबुलेंस या स्कूली बच्चों का वाहन दिखाई दे तो उसे तत्काल रास्ता दिया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की थोड़ी-सी सजगता किसी व्यक्ति की जान बचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
तीसरी अपील: यात्रा की गरिमा और मर्यादा बनाए रखें
मुख्यमंत्री ने शिवभक्तों से कांवड़ यात्रा की गरिमा और मर्यादा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस यात्रा की मूल भावना श्रद्धा, अनुशासन, आत्मसंयम और सेवा भाव में निहित है। शिवभक्त इन मूल्यों को अपने आचरण में उतारकर भगवान शिव के लोकमंगल के संदेश को आगे बढ़ाएं।
सावन के दूसरे सोमवार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘पाती’ में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता, अनुशासन, पर्यावरण संरक्षण और सेवा का संदेश प्रमुखता से सामने आया।
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