मनोरंजन डेस्क: राजकुमार राव की फिल्म ‘प्रहार’ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। 26/11 मुंबई आतंकी हमलों और चर्चित वकील उज्ज्वल निकम की भूमिका पर आधारित इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच चर्चा शुरू हो गई है। फिल्म में राजकुमार राव ने उज्ज्वल निकम का किरदार निभाया है, जिन्होंने मुंबई हमले के आरोपी अजमल कसाब के खिलाफ मुकदमे की पैरवी की थी। रिलीज के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दर्शकों ने फिल्म को लेकर अपनी राय साझा की है। कुछ लोगों को इसकी कहानी और कोर्टरूम के दृश्य पसंद आए, तो कई यूजर्स ने कमजोर पटकथा, धीमी रफ्तार और राजकुमार राव के अभिनय पर सवाल उठाए हैं।
‘प्रहार’ को लेकर एक्स पर क्या बोले दर्शक?
‘प्रहार’ एक कोर्टरूम ड्रामा है, जिसकी कहानी 26/11 आतंकी हमलों के बाद अजमल कसाब के मुकदमे और उज्ज्वल निकम की कानूनी लड़ाई के इर्द-गिर्द घूमती है। कसाब के खिलाफ आरोपों को अदालत में साबित करना और ठोस सबूतों के आधार पर न्याय दिलाना इस मामले की बड़ी चुनौती थी। दिसंबर 2008 से नवंबर 2012 में कसाब को फांसी दिए जाने तक चली कानूनी प्रक्रिया फिल्म की कहानी का अहम हिस्सा है।
मुंबई में हुए आतंकी हमलों ने देश को झकझोर दिया था। इस घटना के करीब 18 साल बाद भी इससे जुड़े कानूनी सवाल और न्यायिक प्रक्रिया चर्चा का विषय बने हुए हैं। फिल्म इसी संवेदनशील और ऐतिहासिक मामले को उज्ज्वल निकम के नजरिए से पेश करने की कोशिश करती है। हालांकि, एक्स पर सामने आई प्रतिक्रियाओं में फिल्म की प्रस्तुति को लेकर अलग-अलग राय देखने को मिल रही है।
किसी ने कमजोर पटकथा तो किसी ने निर्देशन पर उठाए सवाल
एक यूजर ने फिल्म की आलोचना करते हुए लिखा कि किसी फिल्म का विषय गंभीर और उसका उद्देश्य अच्छा होने के बावजूद वह दर्शकों से जुड़ने में नाकाम रह सकती है। यूजर के मुताबिक, ‘प्रहार’ भी इसी श्रेणी में आती है। उन्होंने निर्देशक अविनाश अरुण के काम पर सवाल उठाते हुए कहा कि फिल्म की पटकथा भटकती नजर आती है और कहानी की गति प्रभावित होती है।
यूजर ने राजकुमार राव के अभिनय को लेकर भी निराशा जताई। उनके मुताबिक, खासकर कोर्टरूम के दृश्यों में अभिनेता वह प्रभाव नहीं छोड़ पाए, जिसकी इस तरह की कहानी से उम्मीद की जाती है। उन्होंने फिल्म की मार्केटिंग को भी कमजोर बताया और कहा कि दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर पर्याप्त चर्चा नहीं बन पाई। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि किसी फिल्म का भविष्य केवल उसकी शुरुआती कमाई से तय नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, फिल्म में ऐसा दमदार कंटेंट भी होना चाहिए, जो दर्शकों को इसे दूसरों को देखने की सलाह देने के लिए प्रेरित करे।
दूसरे रिव्यू में फिल्म की लंबाई और भावनात्मक जुड़ाव पर सवाल
एक अन्य यूजर ने ‘प्रहार’ को 26/11 हमलों और उज्ज्वल निकम की कहानी दिखाने की कोशिश बताया, लेकिन उनके मुताबिक फिल्म अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल नहीं होती। यूजर ने लिखा कि फिल्म एक प्रभावशाली कानूनी और निजी संघर्ष की कहानी बन सकती थी, मगर इसकी लंबाई और असंतुलित प्रस्तुति अनुभव को कमजोर करती है।
इस रिव्यू में कोर्टरूम के दृश्यों को फिल्म का मजबूत पक्ष बताया गया। यूजर के अनुसार, दमदार भाषणों वाले कुछ हिस्से प्रभाव छोड़ते हैं, लेकिन बाकी कहानी अपनी ऊर्जा बनाए नहीं रख पाती। जांच-पड़ताल, कानूनी संघर्ष और मुकदमे से जुड़े व्यक्तिगत नुकसान को पर्याप्त गहराई से नहीं दिखाया गया।
राजकुमार राव के अभिनय पर टिप्पणी करते हुए यूजर ने कहा कि उनका प्रदर्शन हर जगह एक जैसा नहीं है और उनके बोलने के लहजे में भी बदलाव महसूस होता है। वहीं, वामिका गब्बी के किरदार को सीमित बताते हुए कहा गया कि उन्हें अपनी अभिनय क्षमता दिखाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला।
कुछ दर्शकों को पसंद आई फिल्म, कोर्टरूम ड्रामा की तारीफ
जहां कई दर्शकों ने फिल्म की कमियों की ओर ध्यान दिलाया, वहीं कुछ यूजर्स ने इसे पूरी तरह निराशाजनक नहीं माना। एक दर्शक ने लिखा कि ‘प्रहार’ 26/11 और उज्ज्वल निकम की जिंदगी पर आधारित एक ठीक-ठाक प्रयास है। उनके मुताबिक, फिल्म में कुछ दमदार भाषण हैं और राजकुमार राव ने अपने किरदार के लिए मेहनत की है, हालांकि उनके लहजे में कुछ कमियां नजर आती हैं।
इस यूजर का मानना है कि अगर फिल्म की अवधि 120 मिनट से कम रखी जाती और कहानी को अधिक केंद्रित तरीके से पेश किया जाता, तो यह ज्यादा प्रभावशाली बन सकती थी। उन्होंने कोर्टरूम वाले हिस्सों को खास तौर पर देखने लायक बताया।
एक अन्य प्रतिक्रिया में फिल्म के लेखन, अभिनय और वास्तविक घटना के महत्व को इसकी संभावित ताकत बताया गया। इस यूजर ने कहा कि कोर्टरूम ड्रामा की खूबी मेलोड्रामा के बजाय कानूनी गंभीरता और भावनात्मक गहराई में होनी चाहिए। उनके अनुसार, ऐसी फिल्म दर्शकों को जानकारी देने के साथ उन्हें कहानी से जोड़ सकती है और लंबे समय तक प्रभाव छोड़ सकती है।
कुल मिलाकर कैसी है ‘प्रहार’?
एक्स पर सामने आई प्रतिक्रियाओं के आधार पर ‘प्रहार’ को लेकर दर्शकों की राय मिली-जुली है। कुछ लोगों ने फिल्म के कोर्टरूम दृश्यों और गंभीर विषय की सराहना की है, जबकि कई दर्शकों ने पटकथा, निर्देशन, कहानी की गति और राजकुमार राव के लहजे को लेकर कमियां गिनाई हैं। वामिका गब्बी के सीमित किरदार पर भी सवाल उठाए गए हैं।
फिल्म के विषय में 26/11 जैसे ऐतिहासिक आतंकी हमले और उज्ज्वल निकम की कानूनी लड़ाई शामिल है, लेकिन सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं में इसे प्रभावशाली बायोपिक बनाने के लिए कहानी को ज्यादा कसने और किरदारों को बेहतर तरीके से विकसित करने की जरूरत बताई गई है।
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