नई दिल्ली: अंग्रेजी में इस्तेमाल होने वाला ‘&’ चिह्न यानी एम्परसेंड हमारी रोजमर्रा की लिखाई, कंपनियों के नाम और ब्रांडिंग में खूब नजर आता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि एक समय इसे अंग्रेजी वर्णमाला का 27वां अक्षर माना जाता था। करीब 2000 साल पुराने इतिहास वाले इस चिह्न का नाम भी एक दिलचस्प भाषाई बदलाव की वजह से पड़ा। आइए जानते हैं कि ‘&’ की शुरुआत कैसे हुई और इसे एम्परसेंड क्यों कहा जाने लगा।
कैसे हुई एम्परसेंड की शुरुआत?
एम्परसेंड का इतिहास प्राचीन रोमन साम्राज्य से जुड़ा माना जाता है। पुराने समय में लेखक हाथ से पांडुलिपियां तैयार करते थे। उस दौरान लैटिन भाषा के शब्द ‘et’ का इस्तेमाल बार-बार होता था, जिसका अर्थ अंग्रेजी के ‘and’ यानी ‘और’ के समान है।
लिखने में समय बचाने के लिए लेखक ‘e’ और ‘t’ अक्षरों को आपस में जोड़कर लिखने लगे। धीरे-धीरे इन दोनों अक्षरों का मिला-जुला रूप एक अलग चिह्न बन गया। भाषा और लेखन की दुनिया में अक्षरों के इस तरह जुड़े हुए रूप को ‘लिगेचर’ कहा जाता है। इसी प्रक्रिया से ‘&’ का मौजूदा रूप विकसित हुआ।
एक गलती से कैसे पड़ा एम्परसेंड नाम?
इस चिह्न के नाम के पीछे अंग्रेजी स्कूलों से जुड़ी एक दिलचस्प कहानी है। 19वीं सदी में बच्चों को वर्णमाला सिखाते समय कुछ जगहों पर Z के बाद ‘&’ को भी शामिल किया जाता था। इस तरह यह वर्णमाला के 27वें अक्षर की तरह पढ़ा जाता था।
बच्चे ‘&’ को पढ़ते समय ‘and per se and’ कहते थे। यहां लैटिन शब्द ‘per se’ का अर्थ होता है ‘अपने आप में’। यानी इसका भाव था कि यह चिह्न अपने आप में ‘and’ को दर्शाता है।
‘And per se and’ से बना ‘Ampersand’
समय के साथ बच्चों और आम बोलचाल में ‘and per se and’ का उच्चारण बदलता गया। धीरे-धीरे यह शब्द सिमटकर ‘ampersand’ बन गया। इसी तरह ‘&’ को उसका प्रचलित नाम मिला। वर्ष 1837 तक ‘ampersand’ शब्द अंग्रेजी में दर्ज हो चुका था।
आज भी क्यों होता है ‘&’ का इस्तेमाल?
बाद में ‘&’ को अंग्रेजी वर्णमाला का हिस्सा मानना बंद कर दिया गया, लेकिन लेखन में इसका इस्तेमाल जारी रहा। आज कंपनियों और ब्रांडों के नाम, किताबों के शीर्षक, डिजाइन और कंप्यूटर कोडिंग में यह चिह्न आम है।
इसका इस्तेमाल खास तौर पर तब किया जाता है, जब दो नामों या शब्दों को संक्षिप्त रूप में जोड़ना हो। इस तरह एक साधारण दिखने वाला चिह्न अपने लंबे इतिहास और अनोखे नाम की वजह से भाषा की दुनिया में खास जगह रखता है।
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