
नई दिल्ली: केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता पिनराई विजयन को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने CMRL-Exalogic मामले में समन जारी किया है। एजेंसी ने उन्हें 23 अक्टूबर को पूछताछ के लिए पेश होने को कहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी ने तिरुवनंतपुरम स्थित उनके किराए के आवास पर नोटिस चिपकाया है। जांच एजेंसी ने उनसे देश-विदेश में मौजूद बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट, चल-अचल संपत्तियों, निवेश और परिवार से जुड़ी संस्थाओं के वित्तीय लेनदेन का विवरण भी मांगा है।
बैंक खातों, संपत्तियों और निवेश का ब्योरा तलब
ईडी ने समन के जरिए पिनराई विजयन से भारत और विदेशों में उनके नाम पर मौजूद सभी बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट की जानकारी मांगी है। इसके अलावा, उनसे जुड़ी संस्थाओं के बैंक खातों, बैंक लॉकर, चल-अचल संपत्तियों और निवेश का विवरण भी देने को कहा गया है।
एजेंसी ने विजयन और उनके परिवार के सदस्यों से संबंधित संस्थाओं की जानकारी भी मांगी है। इसमें भारत या विदेश में पंजीकृत संस्थाओं के वित्तीय लेनदेन और निवेश से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं।
2016 से 2026 तक के आयकर रिटर्न मांगे
समन में ईडी ने पिनराई विजयन से वित्त वर्ष 2016 से 2026 तक दाखिल किए गए आयकर रिटर्न (ITR) की प्रतियां पेश करने को कहा है। एजेंसी इन दस्तावेजों के जरिए उनके वित्तीय रिकॉर्ड और संबंधित लेनदेन की जांच करना चाहती है।
इसके साथ ही विजयन, उनके परिवार के सदस्यों या उनसे जुड़े किसी व्यक्ति को CMRL, शशिधर कर्था अथवा कंपनी से संबंधित अन्य लोगों से मिली रकम का ब्योरा भी मांगा गया है। ईडी ने उन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 50 के तहत बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है।
सुप्रीम कोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिली
समन से पहले पिनराई विजयन ने CMRL-Exalogic मामले में विजिलेंस की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। हालांकि, शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया।
विजयन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने अदालत में दलील दी कि 82 वर्षीय नेता पर गिरफ्तारी का खतरा है। उन्होंने केरल हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें विजयन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति बागची की पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख किया गया। अदालत ने दशहरा अवकाश के दौरान न्यायाधीशों की उपलब्धता के आधार पर विशेष पीठ गठित करने की संभावना पर विचार करने की बात कही। ऐसा संभव नहीं होने पर मामले को 26 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किए जाने की बात कही गई थी।
हाईकोर्ट ने 9 अक्टूबर को दिया था FIR का आदेश
केरल हाईकोर्ट की एकल पीठ ने 9 अक्टूबर को राज्य के सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (VACB) को आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। यह आदेश ईडी की ओर से पुलिस को भेजी गई रिपोर्ट के बाद आया था।
ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत अपनी जांच और तलाशी के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की थी। इसके बाद मामले में विजिलेंस की कार्रवाई को लेकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी।
क्या है CMRL-Exalogic मामला?
यह मामला कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) और Exalogic Solutions के बीच हुए वित्तीय लेनदेन से जुड़ा है। ईडी का आरोप है कि आईटी कंसल्टेंसी सेवाओं की फीस के नाम पर CMRL से Exalogic Solutions को कथित तौर पर 2.78 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
जांच एजेंसी इस रकम के लेनदेन और इससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की पड़ताल कर रही है। इसी जांच के सिलसिले में अब पिनराई विजयन को पूछताछ के लिए समन भेजा गया है। समन जारी होना अपने आप में किसी अपराध में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
Navyug Samachar