Tuesday , 29 September 2026

केजरीवाल ने CJP से कहा- ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा क्यों? सीधे ‘बॉस’ से मांगिए, SIR विवाद के बीच PM मोदी पर साधा निशाना

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे विवाद के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने CJP के आंदोलन पर प्रतिक्रिया दी है। केजरीवाल ने कहा कि अगर CJP को चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगता है तो उसे केवल ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने के बजाय सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करनी चाहिए।

केजरीवाल ने एक टीवी इंटरव्यू में SIR और मतदाता सूची को लेकर उठ रहे सवालों का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने कथित तौर पर जो कुछ किया, वह अपने लिए नहीं बल्कि अपने ‘बॉस’ के लिए किया। केजरीवाल ने कहा कि बार-बार किसी अधिकारी के इस्तीफे की मांग को लेकर लोगों को जंतर-मंतर बुलाने के बजाय सीधे प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करनी चाहिए।

‘बॉस का इस्तीफा ले लो ना एक बार’

केजरीवाल ने कहा, “पहले उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, अब कह रहे हैं ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा। अरे बॉस का इस्तीफा ले लो ना एक बार। बार-बार कितनी बार लोग जंतर-मंतर जाएंगे।”

उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने जो कुछ किया, उसमें उनका अपना कोई लाभ नहीं था। केजरीवाल के मुताबिक, “ज्ञानेश कुमार ने अपने लिए थोड़ी गड़बड़ की, उसको क्या मिला। उसने तो बॉस के लिए किया जो कुछ किया। बॉस के कहने पर किया।”

केजरीवाल ने कहा कि CJP का आंदोलन ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग को लेकर होना चाहिए।

CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को बनाया प्रमुख मुद्दा

यह बयान ऐसे समय आया है जब CJP की ओर से CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने की बात कही गई है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि अगर इस्तीफा नहीं हुआ तो 2 अक्टूबर से देशव्यापी प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।

CJP की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग SIR और मतदाता सूची से जुड़े विवाद के बीच की जा रही है। दूसरी ओर, विपक्षी दल भी चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।

SIR पर केजरीवाल ने लगाए गंभीर आरोप

केजरीवाल ने SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भी चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में बैठकर पूरे देश की मतदाता सूची तैयार की जा रही है और तकनीकी व्यवस्था के जरिए अधिकारियों की भूमिका बदली गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों के पास मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की क्षमता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। केजरीवाल ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति का नाम मनमाने तरीके से हटाया या जोड़ा जा सकता है तो इससे चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।

हालांकि, ये केजरीवाल के राजनीतिक दावे हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि SIR का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को सूची में बनाए रखना और अपात्र, मृत या डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाकर मतदाता सूची को अपडेट करना है।

33 लाख से ज्यादा मतदाताओं को नोटिस पर सुप्रीम कोर्ट के सवाल

दिल्ली की SIR प्रक्रिया को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच चुका है। हालिया सुनवाई में अदालत ने करीब 33 लाख मतदाताओं को जारी किए गए ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ नोटिसों को लेकर चुनाव आयोग से प्रक्रिया और उनके आधार पर स्पष्टीकरण मांगा।

रिपोर्टों के मुताबिक, कई मतदाताओं के नाम, उम्र और दूसरे रिकॉर्ड में अंतर को लेकर नोटिस जारी किए गए हैं। हालांकि, नोटिस मिलना अपने आप में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के बराबर नहीं है। चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि उचित प्रक्रिया और सुनवाई के बिना किसी पात्र मतदाता का नाम नहीं हटाया जाएगा।

चुनाव आयोग में कथित मतभेद से भी गरमाया विवाद

SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेद को लेकर भी सवाल उठे हैं। मीडिया रिपोर्टों में चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से SIR से जुड़े कुछ फैसलों पर कथित आपत्तियों का जिक्र किया गया है।

वहीं, चुनाव आयोग ने इन दावों के बीच निर्णय प्रक्रिया को लेकर अपना पक्ष रखा है। आयोग की ओर से कहा गया है कि SIR समेत उसके फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं और सामने आए मुद्दे सामान्य विचार-विमर्श तथा प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं।

CJP के आंदोलन पर टिकी नजर

CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को अपनी प्रमुख मांग बनाते हुए 2 अक्टूबर से बड़े आंदोलन की घोषणा की है। दूसरी ओर, SIR और मतदाता सूची की प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल भी लगातार सवाल उठा रहे हैं।

ऐसे में केजरीवाल का ताजा बयान इस पूरे विवाद में एक और राजनीतिक प्रतिक्रिया के तौर पर सामने आया है। उन्होंने CJP के आंदोलन की दिशा ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से हटाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग की ओर करने की बात कही है।

 

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