
फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में सोमवार शाम गैस सिलेंडर में हुए भीषण विस्फोट से बड़ा हादसा हो गया। मलवां थाना क्षेत्र में धमाके के बाद दो मंजिला पक्का मकान पूरी तरह ढह गया। हादसे में चार बच्चों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल बताए जा रहे हैं। इनमें एक की हालत बेहद गंभीर है। विस्फोट इतना तेज था कि इसकी आवाज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। आसपास के कई मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया।
खाना बनाते समय हुआ जोरदार विस्फोट
जानकारी के मुताबिक, सोमवार शाम करीब 5:30 बजे मलवां थाना क्षेत्र के एक मकान में खाना बनाते समय अचानक गैस सिलेंडर फट गया। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मकान पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया। आसपास के चार से पांच घरों की छतों, दीवारों और लेंटर को भी नुकसान पहुंचा।
धमाके के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई। मकान के भीतर मौजूद लोग मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे। मलबे में फंसे लोगों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे में चार बच्चों की मौत, एक की हालत नाजुक
ग्रामीणों के मुताबिक, मृतकों में 9 वर्षीय वेद गुप्ता, 15 वर्षीय अर्पित गुप्ता, 7 वर्षीय टुक्कू और 11 वर्षीय कुणाल गुप्ता शामिल हैं। वहीं, 26 वर्षीय आलोक गुप्ता, सोनेलाल गुप्ता और एक महिला घायल हुए हैं।
घायलों में एक व्यक्ति करीब 90 प्रतिशत झुलस गया है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। अन्य घायलों का भी उपचार किया जा रहा है।
घर में मौजूद थे 10 लोग, पांच ने किसी तरह बचाई जान
बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त मकान में करीब 10 लोग मौजूद थे। इनमें से पांच लोग किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि अन्य लोग मलबे में दब गए। फायर ब्रिगेड की टीम ने बचाव अभियान चलाकर दबे हुए लोगों को बाहर निकाला और उन्हें मेडिकल कॉलेज भेजा।
जिस मकान में विस्फोट हुआ, वह सुरेश गुप्ता का बताया जा रहा है। इस घर में सुरेश गुप्ता और उनके भाई का परिवार रहता था। परिवार में पांच छोटे बच्चे भी थे। सुरेश गुप्ता फल की दुकान लगाते हैं।
मौके पर पहुंचे डीएम और एसपी, फॉरेंसिक टीम कर रही जांच
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक और जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर राहत-बचाव कार्य का जायजा लिया।
एसपी के मुताबिक, फॉरेंसिक और फायर टीम विस्फोट के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि धमाका गैस सिलेंडर के कारण हुआ या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। एहतियात के तौर पर एसडीआरएफ को भी बुलाया गया है।
रात में मलबा हटाने के लिए की गई रोशनी की व्यवस्था
अंधेरा होने के बाद भी राहत-बचाव अभियान जारी रखने के लिए बिजली विभाग की मदद से बड़ी लाइटों की व्यवस्था कराई गई। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, गांव के नौ युवकों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
इस हादसे के बाद पूरे कस्बे में शोक का माहौल है। प्रशासन की निगरानी में राहत और बचाव कार्य जारी है।
Navyug Samachar