
दिल्ली डेस्क: दिल्ली में डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए व्यवस्था में बदलाव होने जा रहा है। सरकार कागज वाले पिंक टिकट की व्यवस्था को धीरे-धीरे खत्म कर स्मार्ट कार्ड व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा के लिए Pink Saheli स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल करना होगा। हालांकि, यह व्यवस्था अंतिम रूप से अधिसूचना जारी होने के बाद लागू होगी।
करीब 19 लाख Pink Saheli कार्ड जारी
परिवहन विभाग के मुताबिक, अब तक करीब 19 लाख Pink Saheli कार्ड जारी किए जा चुके हैं। सरकार का कहना है कि बड़ी संख्या में महिलाएं यह कार्ड बनवा चुकी हैं। व्यवस्था में अचानक बदलाव से यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए शुरुआत में महिलाओं को कार्ड बनवाने के प्रति जागरूक किया जाएगा।
सरकार ने पहले 1 अक्टूबर से Pink Saheli कार्ड को जरूरी करने की बात कही थी। हालांकि, अंतिम तौर पर यह व्यवस्था कब से लागू होगी, यह अधिसूचना जारी होने के बाद स्पष्ट होगा।
अभी पिंक टिकट मिल रहा है तो क्या होगा?
पुराने पिंक टिकट की व्यवस्था को एक साथ बंद करने के बजाय इसे चरणबद्ध तरीके से खत्म किया जा रहा है। सरकार की ओर से पहले भी इस बदलाव की समयसीमा को आगे बढ़ाया गया है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद मुफ्त यात्रा के लिए महिलाओं को बस में Pink Saheli कार्ड टैप करना होगा। इससे यात्रा का डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार होगा और सरकार को मुफ्त बस यात्रा योजना का हिसाब रखने में सुविधा होगी।
किन महिलाओं को मिलेगा Pink Saheli कार्ड?
डीटीसी के दस्तावेजों के मुताबिक, Pink Saheli कार्ड दिल्ली की पात्र महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए उपलब्ध है। आधिकारिक दस्तावेजों में पात्रता के लिए उम्र 12 वर्ष या उससे अधिक बताई गई है।
कार्ड बनवाने के लिए आम तौर पर दिल्ली निवासी होने का प्रमाण, आधार कार्ड और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर जैसी जानकारी की जरूरत होती है।
ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह से बनवा सकते हैं कार्ड
महिलाएं Pink Saheli कार्ड बनवाने के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों प्रक्रियाओं का इस्तेमाल कर सकती हैं।
ऑफलाइन प्रक्रिया में डीटीसी के अधिकृत केंद्र पर जाकर नाम, मोबाइल नंबर और आधार से जुड़ी जानकारी देनी होगी। इसके बाद ओटीपी के जरिए सत्यापन किया जाएगा और कार्ड जारी किया जा सकता है।
ऑनलाइन प्रक्रिया में मोबाइल नंबर और आधार की जानकारी दर्ज कर ओटीपी के जरिए पंजीकरण किया जा सकता है। इसके बाद मिलने वाली रसीद या क्यूआर के आधार पर अधिकृत केंद्र से कार्ड प्राप्त किया जा सकता है।
डीटीसी की ओर से स्मार्ट कार्ड जारी करने के लिए अधिकृत केंद्रों की व्यवस्था की गई है।
पहला कार्ड मुफ्त, खोने या खराब होने पर लगेगा शुल्क
Pink Saheli का पहला कार्ड मुफ्त जारी किया जाता है। अगर कार्ड खो जाता है या खराब हो जाता है तो नया कार्ड बनवाने के लिए शुल्क देना पड़ सकता है। दिए गए विवरण के मुताबिक, प्रतिस्थापन कार्ड की कीमत जीएसटी समेत 59 रुपये है। कार्ड की वैधता 5 साल बताई गई है।
मेट्रो और आरआरटीएस में भी कर सकेंगी इस्तेमाल
Pink Saheli कार्ड का इस्तेमाल दूसरे सार्वजनिक परिवहन में भी किया जा सकता है। हालांकि, दिल्ली मेट्रो या आरआरटीएस में इस कार्ड से मुफ्त यात्रा नहीं होगी। वहां यात्रा करने के लिए कार्ड में पैसे डालने होंगे।
कार्ड में रकम यूपीआई के जरिए जोड़ी जा सकती है। मेट्रो में इस्तेमाल करने के लिए कार्ड को संबंधित राशि जोड़ने वाली मशीन के जरिए रिचार्ज करना पड़ सकता है।
Navyug Samachar