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वायु प्रदूषण सिर्फ फेफड़ों का दुश्मन नहीं, कैंसर से लेकर हार्ट अटैक तक का बढ़ा सकता है खतरा, एम्स के डॉक्टर ने दी चेतावनी

नेशनल डेस्क: देश के कई हिस्सों में लगातार बिगड़ती हवा की गुणवत्ता अब गंभीर स्वास्थ्य चिंता बनती जा रही है। वायु प्रदूषण को आमतौर पर सांस से जुड़ी बीमारियों का कारण माना जाता है, लेकिन इसका असर शरीर के दूसरे अंगों पर भी पड़ता है। यहां तक कि प्रदूषित हवा के लंबे समय तक संपर्क में रहने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का खतरा भी बढ़ सकता है। एम्स के डॉक्टर पीयूष रंजन ने इस संबंध में चेतावनी देते हुए कहा है कि वायु प्रदूषण और कई तरह के कैंसर के बीच संबंध को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद हैं। इसके अलावा प्रदूषण हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक जैसी जानलेवा स्थितियों की वजह भी बन सकता है।

सांस की बीमारी तक सीमित नहीं है प्रदूषण का खतरा

एम्स के मेडिसिन विभाग में अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. पीयूष रंजन के मुताबिक, वायु प्रदूषण को केवल सांस संबंधी समस्याओं से जोड़कर देखना सही नहीं है। इसका असर शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों पर पड़ता है। प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और कोरोनरी आर्टरी डिजीज का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक शोधों में वायु प्रदूषण और कई प्रकार के कैंसर के बीच संबंध के प्रमाण भी सामने आए हैं।

शरीर में इस तरह कैंसर का खतरा बढ़ाता है प्रदूषण

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, वायु प्रदूषण शरीर में कई ऐसी प्रक्रियाओं को प्रभावित करता है, जो कैंसर के खतरे को बढ़ा सकती हैं। प्रदूषण में मौजूद हानिकारक तत्व डीएनए को नुकसान पहुंचा सकते हैं। डीएनए में होने वाली इस तरह की क्षति कैंसर कोशिकाओं के विकसित होने की वजह बन सकती है। इसके अलावा प्रदूषित हवा शरीर में सूजन बढ़ाती है और प्रतिरक्षा प्रणाली को भी कमजोर कर सकती है। इससे शरीर की कैंसर कोशिकाओं को पहचानने और नष्ट करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।

वाहनों से निकलने वाला धुआं दिल्ली की हवा को बना रहा जहरीला

दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में वाहनों से निकलने वाला धुआं भी शामिल है। इससे हवा में पीएम 2.5, कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसे हानिकारक प्रदूषक पहुंचते हैं। इन तत्वों की मौजूदगी हवा की गुणवत्ता को खराब करती है और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है।

दिल और दिमाग के साथ गर्भस्थ शिशु के लिए भी खतरा

वायु प्रदूषण का दुष्प्रभाव केवल फेफड़ों और हृदय तक सीमित नहीं रहता। यह दिमाग और गर्भ में पल रहे भ्रूण के स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में प्रदूषित वातावरण में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। लगातार खराब होती हवा को देखते हुए वायु प्रदूषण को केवल पर्यावरण की समस्या नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती के रूप में समझना जरूरी है।

 

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