
नई दिल्ली: हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने भारतीय वायुयान नियम, 2026 की अधिसूचना जारी कर दी है। नए नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे। इसके बाद सामान्य परिस्थितियों में विमानन कंपनियां अपनी परिचालन लागत और बाजार में टिकटों की मांग के आधार पर किराया तय कर सकेंगी। सरकार सामान्य दिनों में हवाई टिकटों की कीमतों पर अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं करेगी। हालांकि, आपात स्थिति या असाधारण परिस्थितियों में यात्रियों के हितों की रक्षा के लिए सरकार को हस्तक्षेप करने का अधिकार रहेगा।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद एयरलाइन कंपनियों को टिकटों की कीमत निर्धारित करने में पहले से अधिक स्वतंत्रता मिलेगी। वे परिचालन खर्च और यात्रियों की मांग को ध्यान में रखकर किराया तय कर सकेंगी। सामान्य परिस्थितियों में सरकार की ओर से किराये पर कोई अधिकतम सीमा लागू नहीं होगी। ऐसे में अलग-अलग विमानन कंपनियों के टिकटों की कीमतों में अंतर देखने को मिल सकता है। साथ ही मांग के मुताबिक किराये में बदलाव भी हो सकता है।
आपात स्थिति में सरकार कर सकेगी हस्तक्षेप
नए नियमों का यह अर्थ नहीं है कि विमानन कंपनियों को मनमाने तरीके से किराया वसूलने की पूरी छूट मिल जाएगी। अधिसूचना में यात्रियों के हितों की सुरक्षा के लिए सरकार के विशेष अधिकार बरकरार रखे गए हैं।
देश में आपात स्थिति, प्राकृतिक आपदा या किसी अन्य असाधारण परिस्थिति के दौरान सरकार एयरलाइन कंपनियों के कामकाज में हस्तक्षेप कर सकेगी। ऐसी परिस्थितियों में कंपनियों को जरूरी निर्देश दिए जा सकेंगे, ताकि यात्रियों से अनुचित या जरूरत से ज्यादा किराया न वसूला जाए।
टिकटों की कीमत और शुल्क की जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य
किराया तय करने की अधिक स्वतंत्रता देने के साथ ही सरकार ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है। नए नियमों के तहत एयरलाइन कंपनियां यात्रियों से छिपे हुए शुल्क नहीं वसूल सकेंगी।
कंपनियों को अपने निर्धारित किराये और उससे जुड़े सभी शुल्कों की जानकारी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को देनी होगी। इसके अलावा यह पूरा ब्योरा अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा।
टिकट बुकिंग के समय यात्रियों को मिलेगी इन शुल्कों की जानकारी
नई व्यवस्था के तहत एयरलाइन कंपनियों को टिकट की कुल कीमत से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां स्पष्ट रूप से देनी होंगी। इनमें शामिल हैं:
- टिकट का मूल किराया यानी बेस फेयर।
- टिकट पर लगने वाले कर और सरकारी शुल्क।
- टिकट रद्द कराने पर लागू होने वाला रद्दीकरण शुल्क।
- पैसे वापस मिलने से जुड़े नियम और शर्तें।
इस व्यवस्था से यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले ही पता चल सकेगा कि उन्हें कुल कितनी रकम चुकानी होगी। इसके साथ ही टिकट रद्द कराने की स्थिति में कितनी राशि वापस मिलेगी, इसकी जानकारी भी पहले से उपलब्ध रहेगी।
एयरलाइंस को आजादी, यात्रियों के लिए पारदर्शिता
सरकार के इस फैसले से विमानन कंपनियों को बाजार की मांग और अपनी परिचालन लागत के अनुसार किराया निर्धारित करने की ज्यादा स्वतंत्रता मिलेगी। वहीं, टिकट की कीमत और उससे जुड़े शुल्कों का पूरा विवरण सार्वजनिक करना अनिवार्य होने से यात्रियों को बुकिंग के समय अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
अब इस नई व्यवस्था के लागू होने का इंतजार है। 1 जनवरी 2027 से नियम प्रभावी होने के बाद यह देखना अहम होगा कि एयरलाइन कंपनियां अपनी किराया नीति में किस तरह के बदलाव करती हैं और इसका आम यात्रियों के हवाई सफर के बजट पर कितना असर पड़ता है।
Navyug Samachar