
यूपी डेस्क: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को बिजनौर जनपद के अफजलगढ़ क्षेत्र के आलमपुर गौंरी में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान से विस्थापित 1,645 परिवारों को जमीन के मालिकाना हक के प्रमाण पत्र सौंपेंगे। इस कदम को सरकार वंचित और विस्थापित समुदायों के पुनर्वास की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय मान रही है।
1645 परिवारों को मिलेगा भूमि अधिकार
इस कार्यक्रम के तहत पाकिस्तान से आए विस्थापित परिवारों को लंबे समय से चले आ रहे भूमि अधिकार के इंतजार से राहत मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री इन परिवारों को जमीन का कानूनी मालिकाना हक प्रदान करेंगे, जिससे वे समाज की मुख्यधारा में सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सकें।
पूर्व सैनिकों और योजनाओं के लाभार्थियों को भी मिलेगा लाभ
कार्यक्रम में 50 पूर्व सैनिकों और अन्य पट्टाधारकों को भी लाभ दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत लाभार्थियों को आवंटन पत्र और आर्थिक सहायता भी सौंपी जाएगी।
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा, ‘विदुर प्रेरणा कैफे’ का उद्घाटन
मुख्यमंत्री योगी इस मौके पर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा संचालित ‘विदुर प्रेरणा कैफे’ का भी उद्घाटन करेंगे। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
वंचित और विस्थापित परिवारों के पुनर्वास पर जोर
सरकार का कहना है कि इस पहल का मकसद विस्थापित और वंचित परिवारों को केवल जमीन देना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मान, सुरक्षा और स्थायी जीवन का आधार प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी भेदभाव के समाज में आगे बढ़ सकें।
पहले भी हजारों परिवारों को मिला लाभ
इससे पहले भी राज्य सरकार ने विभिन्न विस्थापित और प्रभावित समुदायों को भूमि अधिकार और पुनर्वास सहायता प्रदान की है। लखीमपुर खीरी में बांग्लादेश से आए 331 परिवारों को भूमि अधिकार दिए गए थे। इसके अलावा नदी कटान से प्रभावित 2350 परिवारों और थारू जनजाति के 4356 परिवारों को भी भूमि अधिकार पत्र प्रदान किए गए थे।
पुनर्वास के लिए आर्थिक सहायता भी जारी
पूर्व में बहराइच में आयोजित कार्यक्रम में 118 लाभार्थियों को प्रति परिवार 15 लाख रुपये की दर से पुनर्वास सहायता दी गई थी, जिसकी कुल राशि 21 करोड़ रुपये से अधिक रही। इसके साथ ही 136 परिवारों को आवास, शौचालय और पट्टे के माध्यम से स्थायी पुनर्वास भी प्रदान किया गया था।
विकास और पुनर्वास की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का दावा है कि यह पहल केवल राहत योजना नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और पुनर्वास की व्यापक नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य हर वंचित वर्ग को स्थायी अधिकार और गरिमापूर्ण जीवन उपलब्ध कराना है।
Navyug Samachar