
मनोरंजन डेस्क : सिनेमाघरों में इन दिनों एक ऐसी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म की चर्चा जोरों पर है, जिसने रिलीज के महज चार दिनों के भीतर दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। 2 घंटे 18 मिनट की यह फिल्म अपने रहस्य, मनोवैज्ञानिक तनाव और अप्रत्याशित घटनाक्रम के चलते लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। फिल्म को दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है और IMDb पर मिली 9.2 रेटिंग ने इसकी लोकप्रियता को और बढ़ा दिया है।
सस्पेंस और साइकोलॉजिकल थ्रिलर पसंद करने वाले दर्शकों के बीच यह फिल्म तेजी से चर्चा का विषय बनती जा रही है। कहानी का हर मोड़ रोमांच को बढ़ाता है और दर्शकों को आखिर तक बांधे रखने में सफल नजर आता है।
‘Obssess’ बनी चर्चा का केंद्र
यह चर्चित फिल्म ‘Obssess’ है, जिसे हिंदी, तमिल, तेलुगू और मलयालम समेत कई भाषाओं में रिलीज किया गया है। अपने डार्क माहौल और अलग तरह की कहानी के कारण यह फिल्म दर्शकों के बीच खास पहचान बना रही है।
फिल्म में प्रमुख भूमिका अभिनेता और फिल्ममेकर पीटर विल्सन ने निभाई है, जबकि ईशा सिंह अहम किरदार में नजर आ रही हैं। खास बात यह है कि फिल्म का निर्देशन भी पीटर विल्सन ने ही किया है। उनकी प्रस्तुति और कहानी कहने का अंदाज फिल्म को शुरुआत से अंत तक रोचक बनाए रखता है।
मानसिक अस्थिरता और अपराध की खौफनाक कहानी
फिल्म की कहानी एक ऐसे व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है, जो मानसिक रूप से बुरी तरह टूट चुका है। उत्तर भारत के एक शांत शहर में रहने वाला पीटर नामक शख्स खुद को दुनिया के खिलाफ खड़ा महसूस करता है। मानसिक तनाव, अवसाद की दवाइयों और शराब की लत के बीच उसकी सोच लगातार खतरनाक होती जाती है।
स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब उसे नौकरी से निकाले जाने की सूचना मिलती है। इसके बाद उसका गुस्सा हिंसक रूप ले लेता है और वह कई जघन्य अपराधों को अंजाम देता है। धीरे-धीरे उसका चरित्र एक ऐसे व्यक्ति में बदल जाता है, जिससे पूरा समाज खतरे में पड़ जाता है।
सारा और उसके बेटे के इर्द-गिर्द बढ़ता है सस्पेंस
कहानी का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा सारा और उसके बेटे से जुड़ा है। सारा अपने पति से अलग रह रही है और बेटे की कस्टडी के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही होती है। एक दिन यात्रा के दौरान उसकी मुलाकात पीटर से होती है और यहीं से कहानी में नया मोड़ आता है।
सड़क पर हुई एक मामूली कहासुनी धीरे-धीरे भयावह घटनाओं में बदल जाती है। पीटर सारा और उसके बेटे पर नजर रखना शुरू कर देता है। इसके बाद घटनाएं इतनी तेजी से बदलती हैं कि कहानी पूरी तरह सस्पेंस, डर और रोमांच से भर जाती है। बच्चे के अपहरण के बाद फिल्म का तनाव कई गुना बढ़ जाता है और दर्शकों को लगातार चौंकाने वाले मोड़ देखने को मिलते हैं।
अभिनय ने बढ़ाई फिल्म की ताकत
फिल्म में पीटर विल्सन ने एक खतरनाक और मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति के किरदार को प्रभावशाली ढंग से पर्दे पर उतारा है। उनके हाव-भाव और स्क्रीन प्रेजेंस कई दृश्यों में डर का माहौल बनाने में सफल दिखाई देते हैं।
वहीं ईशा सिंह ने अपने बच्चे को बचाने के लिए संघर्ष करती मां की भूमिका में दमदार अभिनय किया है। उनके भावनात्मक दृश्यों और मजबूत प्रस्तुति ने कहानी को और प्रभावी बनाया है। दोनों कलाकारों के बीच टकराव फिल्म के सबसे मजबूत पहलुओं में गिना जा रहा है।
सस्पेंस प्रेमियों के लिए खास अनुभव
अगर आप ऐसी फिल्में पसंद करते हैं, जिनमें रहस्य, मनोवैज्ञानिक तनाव और लगातार बढ़ता रोमांच हो, तो ‘Obssess’ एक अलग अनुभव दे सकती है। सिनेमाघरों में बेहतरीन ध्वनि प्रभाव और दृश्य प्रस्तुति के साथ यह फिल्म दर्शकों को शुरुआत से लेकर अंतिम दृश्य तक बांधे रखने का दावा कर रही है।
Navyug Samachar