Monday , 5 October 2026

20 घंटे का सफर होगा सिर्फ 6 घंटे में! यूपी-बिहार से गुजरेगी देश की दूसरी बुलेट ट्रेन, दिल्ली से सिलीगुड़ी तक बदलेगी रफ्तार

नेशनल डेस्क: देश में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मुंबई-अहमदाबाद के बाद अब भारत की दूसरी बुलेट ट्रेन परियोजना पर काम तेज होने की तैयारी है। प्रस्तावित रूट दिल्ली से पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक तय किया गया है, जो उत्तर प्रदेश और बिहार के कई प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगा। इस परियोजना के शुरू होने के बाद लंबा सफर बेहद कम समय में पूरा किया जा सकेगा।

लखनऊ, वाराणसी और पटना से होकर गुजरेगा रूट

प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर दिल्ली से शुरू होकर लखनऊ, वाराणसी और बिहार की राजधानी पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक जाएगा। ये रूट उत्तर भारत के बड़े आर्थिक, धार्मिक और शैक्षणिक केंद्रों को जोड़ने वाला माना जा रहा है।

इस हाई-स्पीड ट्रेन के जरिए इन शहरों के बीच यात्रा समय में ऐतिहासिक कमी आने की संभावना है।

20 घंटे का सफर घटकर रह जाएगा सिर्फ 6 घंटे

फिलहाल दिल्ली से सिलीगुड़ी का सफर ट्रेन से करीब 20 घंटे का समय लेता है। रेल मंत्रालय के अनुसार, बुलेट ट्रेन परियोजना पूरी होने के बाद यही दूरी महज 6 घंटे में तय की जा सकेगी। यह बदलाव यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।

देश का दूसरा बुलेट ट्रेन कॉरिडोर

यह भारत का दूसरा बुलेट ट्रेन कॉरिडोर होगा। इससे पहले मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट पर काम जारी है, जिसके अगले वर्ष तक शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद इस नए कॉरिडोर पर काम को और गति मिलने की उम्मीद है।

यूपी और बिहार के लिए बड़ा बदलाव

इस परियोजना से उत्तर प्रदेश और बिहार के यात्रियों को सबसे ज्यादा लाभ मिलने की संभावना है। लखनऊ और वाराणसी जैसे शहरों से दिल्ली और पूर्वोत्तर की कनेक्टिविटी काफी तेज हो जाएगी।

साथ ही इस कॉरिडोर से पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिल सकती है।

रेलवे नेटवर्क के विस्तार पर बड़ा फोकस

जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल में भी रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े पैमाने पर काम चल रहा है। कोलकाता मेट्रो के विस्तार और कई रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण की योजनाएं भी शामिल हैं। इसके साथ ही ‘अमृत भारत योजना’ के तहत कई स्टेशनों को आधुनिक स्वरूप देने का काम जारी है।

आने वाले वर्षों में क्या होगा असर?

इस बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के तैयार होने के बाद उत्तर भारत की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। दिल्ली से लखनऊ और वाराणसी की दूरी बेहद कम समय में तय हो सकेगी, जिससे आम यात्रियों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी रफ्तार मिलेगी।

Check Also

राहुल गांधी से मुलाकात के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य का बड़ा ऐलान, अपनी जनता पार्टी अब INDIA गठबंधन में होगी शामिल

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। …