Lucknow : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को फ्रांस और स्लोवाकिया की महत्वपूर्ण दो देशों की यात्रा पर रवाना हो गए। इस दौरे के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ उनकी उच्चस्तरीय वार्ता होगी, जिसमें रक्षा सहयोग प्रमुख एजेंडा रहने की संभावना है। रणनीतिक समुद्री क्षेत्रों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत अपनी सैन्य क्षमताओं को और मजबूत करने की दिशा में प्रयासरत है, ऐसे में दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी को नई मजबूती देने पर विशेष चर्चा होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति के निमंत्रण पर 13 और 14 जून को फ्रांस के नीस शहर की आधिकारिक यात्रा करेंगे। इसके बाद वह 16 से 19 जून के बीच एवियां और पेरिस में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। 14 जून को नीस में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी, जिसमें भारत-फ्रांस संबंधों के सभी प्रमुख आयामों की व्यापक समीक्षा की जाएगी।
भारत-फ्रांस नवाचार साझेदारी पर रहेगा विशेष फोकस
दौरे के दौरान दोनों नेता संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन भी करेंगे। इस विशेष आयोजन में भारत, फ्रांस और कई अन्य देशों के प्रमुख स्टार्टअप्स तथा वेंचर कैपिटल फंड भागीदारी करेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के तहत आयोजित यह कार्यक्रम दोनों देशों के बीच तकनीक और नवाचार आधारित सहयोग को नई दिशा देने का काम करेगा।
स्लोवाकिया में ऐतिहासिक यात्रा, कई क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग
फ्रांस यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। यह दौरा स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर हो रहा है। वर्ष 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी, जिसे दोनों देशों के संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी अपने स्लोवाकियाई समकक्ष रॉबर्ट फिको के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। बातचीत में दोनों देशों के बीच सहयोग के नए क्षेत्रों की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से भी मुलाकात करेंगे।
व्यापार, निवेश और विनिर्माण पर होगी अहम चर्चा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा भारत और स्लोवाकिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। विशेष रूप से व्यापार, निवेश, ऑटोमोबाइल उद्योग और रेलवे विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर रहेगा। मंत्रालय ने कहा कि यह दौरा दोनों देशों के बीच आर्थिक और औद्योगिक साझेदारी को नई गति देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
Navyug Samachar