
लखनऊ डेस्क : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने नौ साल के कार्यकाल में पहली बार सार्वजनिक मंच से उस विषय का खुलासा किया, जिसे वह सबसे अधिक पसंद करते हैं। लखनऊ में आयोजित डी-3 त्रिवेणी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अपराध और माफिया के खिलाफ अपनी सरकार की नीति पर खुलकर बात की और कहा कि “माफियाओं का सफाया करना” उन्हें सबसे अधिक पसंद है।
मुख्यमंत्री का यह बयान सामने आते ही कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान उनकी ओर केंद्रित हो गया। कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि प्रदेश में अपराधियों और माफिया नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
पहली बार सार्वजनिक मंच से बताई अपनी पसंद
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ अभियान केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह उनकी प्राथमिकताओं में शामिल विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने के लिए सरकार लगातार निर्णायक कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “माफियाओं का खात्मा ही मुझे पसंद है और सरकार इसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।” उनके इस बयान को कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने गंभीरता से सुना और यह चर्चा का विषय बन गया कि मुख्यमंत्री ने पहली बार इतने स्पष्ट शब्दों में अपनी पसंद को सार्वजनिक रूप से व्यक्त किया है।
लखनऊ का उदाहरण देकर समझाई कार्रवाई की रणनीति
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने माफिया विरोधी अभियान का एक उदाहरण भी साझा किया। उन्होंने बताया कि लखनऊ में पुलिस विभाग की एक जमीन पर अवैध कब्जा किया गया था। इस मामले की जानकारी उन्हें पुलिस महानिदेशक द्वारा दी गई थी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, मामले की पूरी जानकारी मिलने के बाद संबंधित व्यक्ति के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि कार्रवाई शुरू होने के अगले ही दिन अवैध कब्जा हटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया और भूमि को मुक्त करा लिया गया।
अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार अपराध और माफिया तंत्र के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने संकेत दिया कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
कार्यक्रम के दौरान उनका यह बयान राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के रुख को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसी भी कीमत पर अपराधियों को संरक्षण नहीं दिया जाएगा।
बयान के बाद तेज हुई राजनीतिक चर्चा
मुख्यमंत्री के इस वक्तव्य के बाद उनके नौ वर्षों के कार्यकाल में चलाए गए माफिया विरोधी अभियानों की भी चर्चा शुरू हो गई है। कार्यक्रम में दिया गया उनका बयान अब राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।
Navyug Samachar