
लखनऊ डेस्क : उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों ने स्वच्छता, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। भारत सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से जारी राष्ट्रीय स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग 2025-26 में प्रदेश के 11 विद्यालयों को देश के सर्वश्रेष्ठ स्कूलों में शामिल किया गया है।
यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि इस रेटिंग प्रक्रिया में देशभर के 1.69 लाख से अधिक विद्यालयों ने हिस्सा लिया था, जिनमें से केवल 191 विद्यालय ही राष्ट्रीय सूची में स्थान बना सके। इनमें उत्तर प्रदेश के 11 विद्यालयों का चयन राज्य की शिक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में दिखाया दम
राष्ट्रीय रेटिंग के लिए विद्यालयों का मूल्यांकन स्वच्छता, जल संरक्षण, ऊर्जा दक्षता, अपशिष्ट प्रबंधन, हरित परिसर और सामुदायिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण मानकों पर किया गया। सीमित संसाधनों के बावजूद प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों ने इन सभी मानकों पर प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
चयन प्रक्रिया के तहत विद्यालयों ने पहले स्वयं मूल्यांकन किया। इसके बाद जिला और राज्य स्तर पर सत्यापन तथा पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी की गई। पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई, जिसके बाद अंतिम सूची जारी की गई।
परिषदीय विद्यालयों का शानदार प्रदर्शन
राष्ट्रीय सूची में शामिल परिषदीय विद्यालयों में संभल का प्राथमिक विद्यालय इटालिया माफी 12वें स्थान पर रहा। पीलीभीत का प्राथमिक विद्यालय चोखापुर 25वें, चित्रकूट का पीएमवी कन्या गंछापा 27वें, बरेली का प्राथमिक विद्यालय सहजनी 29वें, बदायूं का कंपोजिट विद्यालय आमगांव 36वें और सहारनपुर का उच्च प्राथमिक विद्यालय कुतुबपुर लबदौला 55वें स्थान पर रहा।
कस्तूरबा विद्यालयों ने भी बढ़ाया मान
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की श्रेणी में भी उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। श्रावस्ती का कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय हरिहरपुर रानी राष्ट्रीय सूची में नौवें स्थान पर रहा, जबकि जालौन का कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कोंच 14वें स्थान पर चयनित हुआ।
अन्य विद्यालयों ने भी बनाई जगह
राष्ट्रीय सूची में प्रयागराज का एयरफोर्स स्कूल मनौरी, वाराणसी का जवाहर नवोदय विद्यालय गजोखर और मेरठ की दयावती मोदी अकादमी-1 भी शामिल हैं। निजी विद्यालय श्रेणी में दयावती मोदी अकादमी-1 ने चौथा स्थान हासिल कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
बेसिक शिक्षा विभाग करेगा सम्मानित
बेसिक शिक्षा विभाग ने राज्य के शीर्ष 20 विद्यालयों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य विद्यालयों को भी स्वच्छ, हरित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित करने के लिए प्रेरित करेगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
Navyug Samachar