
यूपी डेस्क: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं और चोरी के मामले की जांच अब तेज हो गई है। मुकदमा दर्ज होने के बाद विशेष जांच टीम ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव से लंबी पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ कई घंटों तक चली और जांच टीम ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं, निगरानी व्यवस्था और वित्तीय संचालन से जुड़े कई सवाल पूछे। पूछताछ के बाद बयान दर्ज किया गया है। हालांकि अब तक किसी भी व्यक्ति के खिलाफ जांच एजेंसियों की ओर से दोष साबित होने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
70 लोगों को नोटिस, 140 गवाहों की सूची पर काम
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, मामले में कई स्तरों पर जानकारी जुटाई जा रही है। ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों सहित करीब 70 लोगों को नोटिस जारी किए जाने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां बड़ी संख्या में गवाहों के बयान दर्ज करने की तैयारी कर रही हैं।
बताया जा रहा है कि मंदिर से जुड़े कुछ कर्मचारियों से पहले ही पूछताछ की जा चुकी है, जबकि नकदी प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़े अन्य लोगों को भी जांच प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है।
चढ़ावे के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की हो रही पड़ताल
जांच टीम कथित अनियमितताओं की संभावित कड़ियों को समझने के लिए चढ़ावे के दैनिक प्रबंधन, सीसीटीवी निगरानी, कर्मचारियों की जिम्मेदारियों और बैंकिंग प्रक्रिया की जांच कर रही है। पूछताछ के दौरान प्रशासनिक फैसलों, शिकायत निपटान प्रणाली और कार्य विभाजन जैसे विषयों पर भी सवाल किए गए।
अधिकारियों के अनुसार, दर्ज बयानों का मिलान दस्तावेजों और अन्य गवाहों की जानकारी से किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर आगे भी पूछताछ की जा सकती है।
पूछताछ में क्या कहा गया?
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान पूर्व पदाधिकारी ने किसी भी व्यक्तिगत भूमिका से इनकार किया और कहा कि जैसे ही कथित गड़बड़ी की जानकारी मिली, आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई। साथ ही यह भी कहा गया कि चढ़ावे के प्रबंधन की जिम्मेदारी संस्थागत व्यवस्था के तहत संचालित होती थी।
हालांकि जांच एजेंसियां इस मामले में अलग-अलग स्तर पर तथ्यों का सत्यापन कर रही हैं।
नियुक्तियों और जिम्मेदारियों पर भी उठे सवाल
जांच के दौरान कर्मचारियों की नियुक्ति और संवेदनशील कार्यों में तैनाती को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, यह देखा जा रहा है कि जिम्मेदारियां किस प्रक्रिया के तहत तय की गईं और निगरानी व्यवस्था कैसे संचालित होती थी।
बैंक रिकॉर्ड और लेनदेन की भी हो रही जांच
मामले की जांच अब वित्तीय रिकॉर्ड तक पहुंच गई है। जांच टीम ने बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जानकारी जुटानी शुरू की है। बताया जा रहा है कि जमा प्रक्रिया और खातों के संचालन से जुड़े बिंदुओं की जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि धन के प्रबंधन और रिकॉर्डिंग में कहीं कोई प्रक्रिया संबंधी चूक तो नहीं हुई।
अधिकारी के तबादले को लेकर भी चर्चा
इसी बीच लंबे समय से तैनात एक अधिकारी के तबादले की भी चर्चा सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्था के संचालन से जुड़े पहलुओं की भी समीक्षा कर रही हैं। हालांकि अब तक किसी अधिकारी की आपराधिक भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
जांच जारी, आधिकारिक निष्कर्ष का इंतजार
राम मंदिर चढ़ावा मामले में जांच एजेंसियां कई पहलुओं पर जानकारी जुटा रही हैं। अब तक की कार्रवाई को प्रारंभिक जांच का हिस्सा माना जा रहा है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
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