यूपी डेस्क : उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के जरिए नया बिजली कनेक्शन लेने वाले लाखों उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। बिजली कंपनियों द्वारा मीटर के नाम पर वसूली गई अतिरिक्त राशि अब वापस की जाएगी। यह रकम जुलाई माह से उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में समायोजित की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, सिंगल फेज कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को 3,216 रुपये और थ्री फेज कनेक्शन लेने वालों को 7,241 रुपये की अतिरिक्त वसूली वापस मिलेगी। यह राशि सीधे बिजली बिलों में समायोजन के माध्यम से लौटाई जाएगी।
3.53 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा
स्मार्ट प्रीपेड मीटर के जरिए नया कनेक्शन लेने वाले करीब 3,53,357 उपभोक्ताओं को इस फैसले का लाभ मिलने का अनुमान है। आंकड़ों के मुताबिक, कुल मिलाकर 150 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपभोक्ताओं को वापस की जाएगी। इनमें थ्री फेज कनेक्शन धारकों को लगभग 127.85 करोड़ रुपये की वापसी होने की संभावना है।
नियामक आयोग के आदेश के बाद शुरू हुई प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के प्रस्ताव पर उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने 6 मार्च को आदेश जारी किया था। आदेश के तहत 10 सितंबर से 31 दिसंबर के बीच स्मार्ट प्रीपेड मीटर के साथ नया बिजली कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं से वसूली गई अतिरिक्त राशि लौटाने के निर्देश दिए गए थे।
मीटर की तय कीमत से कहीं ज्यादा वसूली गई थी रकम
आयोग ने सिंगल फेज स्मार्ट मीटर की कीमत 2,800 रुपये और थ्री फेज स्मार्ट मीटर की कीमत 4,100 रुपये निर्धारित की थी। इसके बावजूद 10 सितंबर से 31 दिसंबर के बीच दिए गए नए कनेक्शनों में सिंगल फेज मीटर के लिए 6,016 रुपये और थ्री फेज मीटर के लिए 11,341 रुपये तक वसूले गए थे।
यही वजह है कि अब सिंगल फेज उपभोक्ताओं को 3,216 रुपये और थ्री फेज उपभोक्ताओं को 7,241 रुपये वापस किए जाएंगे।
बिजली बिल में होगा सीधा समायोजन
बिजली कंपनियां जुलाई से अतिरिक्त वसूली गई राशि को उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में समायोजित करना शुरू करेंगी। इससे प्रभावित उपभोक्ताओं को अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी और राशि स्वतः उनके खाते में समायोजित हो जाएगी।
उपभोक्ता परिषद ने की जल्द भुगतान की मांग
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बताया कि उन्होंने मंगलवार को पावर कॉरपोरेशन के संबंधित निदेशक से मुलाकात कर उपभोक्ताओं की अतिरिक्त वसूली गई राशि का जल्द से जल्द समायोजन सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है, ताकि लाभार्थियों को समय पर राहत मिल सके।
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