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पहली बारिश की सोंधी खुशबू का रहस्य! मिट्टी से उठती महक के पीछे छिपा है दिलचस्प विज्ञान, जानिए कैसे बनता है ‘पेट्रिकोर’

नेशनल डेस्क : तपती गर्मी और लंबे इंतजार के बाद जब बारिश की पहली बूंदें सूखी धरती को छूती हैं, तो वातावरण में फैलने वाली सोंधी खुशबू हर किसी को सुकून का एहसास कराती है। यह महक सिर्फ एक प्राकृतिक अनुभव नहीं, बल्कि इसके पीछे एक रोचक वैज्ञानिक प्रक्रिया काम करती है। वैज्ञानिकों ने इस विशेष सुगंध को ‘पेट्रिकोर’ नाम दिया है, जो बारिश और मिट्टी के अनोखे मेल से पैदा होती है।

मिट्टी में पहले से मौजूद होते हैं खास तत्व

विशेषज्ञों के अनुसार, जब लंबे समय तक बारिश नहीं होती, तब मिट्टी में कई प्राकृतिक बदलाव होते रहते हैं। सूखे मौसम के दौरान पौधों से निकलने वाले प्राकृतिक तेल मिट्टी की सतह पर जमा हो जाते हैं। इसके साथ ही मिट्टी में मौजूद ‘एक्टिनोमाइसीट्स’ नामक सूक्ष्म जीव सक्रिय रहते हैं, जो एक विशेष रासायनिक यौगिक का निर्माण करते हैं।

बारिश की बूंदें हवा में घोल देती हैं खुशबू

इन सूक्ष्म जीवों द्वारा तैयार किए गए यौगिक को ‘जिओस्मिन’ कहा जाता है। जैसे ही बारिश की पहली बूंदें जमीन पर गिरती हैं, जिओस्मिन बेहद सूक्ष्म कणों के रूप में हवा में फैल जाता है। यही कण सांस के जरिए हमारे नाक तक पहुंचते हैं और हमें मिट्टी की वह परिचित सोंधी खुशबू महसूस होती है, जिसे लोग बेहद पसंद करते हैं।

क्यों खास होती है पहली बारिश की महक?

पहली बारिश के दौरान सूखी मिट्टी में जमा प्राकृतिक तेल और जिओस्मिन की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक होती है। इसी वजह से शुरुआती बारिश में आने वाली खुशबू ज्यादा तीव्र और आकर्षक महसूस होती है। बाद की बारिशों में यह प्रभाव धीरे-धीरे कम हो जाता है।

बारिश के मौसम में बरतें सावधानी

हालांकि बारिश की यह सुगंध मन को आनंद देती है, लेकिन मौसम के शुरुआती दौर में हवा में कुछ ऐसे तत्व भी बढ़ जाते हैं जो स्वास्थ्य पर असर डाल सकते हैं। इनमें फफूंद, परागकण और अन्य एलर्जेन शामिल हैं, जो संवेदनशील लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं।

इन लोगों को रहना चाहिए ज्यादा सतर्क

विशेषज्ञों का कहना है कि अस्थमा, एलर्जी या सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को बारिश के शुरुआती दिनों में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे लोगों में एलर्जिक प्रतिक्रिया और श्वसन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

लक्षण दिखें तो तुरंत लें चिकित्सकीय सलाह

यदि बारिश के मौसम में लगातार छींक आना, सांस लेने में दिक्कत, खांसी या एलर्जी के अन्य लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते डॉक्टर की सलाह लेने से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।

 

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