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शरद पवार की शिंदे के दफ्तर में मौजूदगी से मचा सियासी बवाल! तस्वीरों ने बढ़ाईं अटकलें, दोनों पक्षों ने दी सफाई

महाराष्ट्र डेस्क: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर तस्वीरों ने सियासी हलचल तेज कर दी है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार की उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आधिकारिक कार्यालय में मौजूदगी की तस्वीरें सामने आते ही राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। कई तरह के राजनीतिक कयास लगाए जाने लगे, हालांकि कुछ ही घंटों के भीतर दोनों पक्षों ने इन अटकलों को खारिज करते हुए इसे महज शिष्टाचार और परिस्थितिजन्य मुलाकात बताया।

शरद पवार महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद के समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक में शामिल होने विधान भवन पहुंचे थे। बैठक समाप्त होने के बाद उन्हें अपनी पार्टी के विधायकों से मुलाकात करनी थी, लेकिन यह मुलाकात विपक्ष के कक्ष के बजाय उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आधिकारिक चेंबर में हुई। इसी घटनाक्रम के बाद राजनीतिक चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया।

क्यों हुई शिंदे के कार्यालय में बैठक?

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने पूरे घटनाक्रम पर सफाई देते हुए कहा कि इस मुलाकात में किसी भी तरह का राजनीतिक संदेश तलाशना उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि पार्टी के विधायक विधान भवन से रवाना होने से पहले शरद पवार से मिलना चाहते थे, लेकिन उनकी उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए लंबी दूरी तक पैदल चलना उचित नहीं था। उपमुख्यमंत्री का कार्यालय निकास द्वार के सबसे नजदीक होने के कारण वहीं बैठक करने का निर्णय लिया गया।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब शरद पवार कार्यालय पहुंचे, उस समय एकनाथ शिंदे वहां मौजूद नहीं थे। बाद में जानकारी मिलने पर शिंदे वहां पहुंचे और करीब दस मिनट तक शिष्टाचार मुलाकात की।

शिंदे खेमे ने भी किया स्थिति स्पष्ट

उपमुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में भी इस मुलाकात को पूरी तरह औपचारिक बताया गया। बयान के अनुसार, समिति की बैठक के बाद जब शरद पवार कार्यालय पहुंचे तो एकनाथ शिंदे ने उनका शॉल और पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।

मंत्री उदय सामंत ने कहा कि शरद पवार देश के सबसे वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। ऐसे में यदि वे उपमुख्यमंत्री के कार्यालय में आते हैं तो उनका सम्मान करना महाराष्ट्र की राजनीतिक परंपरा का हिस्सा है। इसे किसी राजनीतिक संकेत के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

तस्वीरों ने बढ़ाई सियासी सरगर्मी

हालांकि, मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कई लोगों ने इसे बदलते राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा, जबकि कुछ राजनीतिक विश्लेषकों ने भविष्य के संभावित घटनाक्रमों को लेकर भी कयास लगाने शुरू कर दिए।

महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ वर्षों के अप्रत्याशित राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण अब नेताओं की हर मुलाकात पर बारीकी से नजर रखी जाती है। यही वजह रही कि शरद पवार की शिंदे के कार्यालय में मौजूदगी ने चर्चाओं को और हवा दे दी।

एनडीए में जाने की अटकलों को बताया अफवाह

इन चर्चाओं के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने एनडीए में शामिल होने या किसी राजनीतिक बदलाव की अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि शरद पवार विधानसभा सत्र के दौरान पार्टी के विधायकों, सांसदों और पार्षदों से मिलने पहुंचे थे। एनडीए में शामिल होने या पार्टी के विलय जैसी चर्चाओं में कोई सच्चाई नहीं है और यह केवल अफवाहें हैं।

फिलहाल दोनों पक्ष इस मुलाकात को महज शिष्टाचार और परिस्थितियों के अनुरूप हुई बैठक बता रहे हैं, लेकिन तस्वीरों के सामने आने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में इसे लेकर चर्चाओं का दौर अभी भी जारी है।

 

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