Monday , 5 October 2026

‘सरकार को दबाव में नहीं झुका सकते’, NEET और राम मंदिर चंदा विवाद पर CJP-विपक्ष पर बरसीं कंगना रनौत

नेशनल डेस्क: संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन नीट-यूजी 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान के कथित गबन के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के बीच भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार पर दबाव बनाकर फैसले नहीं करवाए जा सकते और यह तय करने का अधिकार सरकार के पास है कि किसे पद पर रखना है और किसे नहीं।

संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान के कथित गबन के मुद्दे पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यवाही शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने छह पूर्व सांसदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और इसके बाद हंगामा कर रहे सदस्यों से शांत रहने की अपील की। लगातार शोर-शराबा जारी रहने पर सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

कंगना रनौत ने विपक्ष की रणनीति पर उठाए सवाल

संसद के भीतर जारी गतिरोध के बीच कंगना रनौत ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन की आलोचना करते हुए कहा कि जनता ने जिस सरकार को चुना है, उसे इस तरह दबाव में नहीं लाया जा सकता। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार को यह तय करने के लिए मजबूर या ब्लैकमेल नहीं कर सकता कि किसी मंत्री को पद पर रखा जाए या हटाया जाए।

कंगना ने कहा कि सरकार चलाने का अधिकार जनता के जनादेश से मिलता है। यदि विपक्ष सरकार चलाना चाहता है तो उसे चुनाव जीतकर सत्ता में आना चाहिए, न कि दबाव की राजनीति करनी चाहिए।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर जारी है विरोध

नीट परीक्षा विवाद को लेकर विपक्ष लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इसी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कंगना रनौत ने कहा कि संसद जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और जवाबदेही का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक मंच है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपने सभी सवाल सदन के भीतर उठाने चाहिए, लेकिन चर्चा के बजाय हंगामा और अव्यवस्था का माहौल बनाना उचित नहीं कहा जा सकता।

मानसून सत्र के पहले दिन ही दिखा तीखा राजनीतिक टकराव

मानसून सत्र के पहले दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। एक ओर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल नीट-यूजी 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और राम मंदिर चंदा मामले को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे हैं, वहीं भाजपा इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बता रही है। सदन की कार्यवाही समय से पहले स्थगित होने और संसद परिसर में जारी बयानबाजी से साफ है कि इन मुद्दों पर आने वाले दिनों में भी संसद में जोरदार टकराव देखने को मिल सकता है।

 

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