नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के कैंप के भीतर हुई गोलीबारी की घटना से हड़कंप मच गया। आरोप है कि एक जवान ने अपने ही साथियों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें दो जवानों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद आरोपी जवान को हिरासत में ले लिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
कैंप में आराम कर रहे जवानों पर की फायरिंग
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना मालदा के वैष्णवनगर स्थित बीएसएफ मुख्यालय में हुई। बताया गया कि 119वीं बटालियन के एक जवान ने कैंप में आराम कर रहे 71वीं बटालियन के जवानों पर अचानक गोलियां चला दीं। गोली लगने से तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दो जवानों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि तीसरे जवान का इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
आरोपी जवान पहले भी विवादों में रह चुका
अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी जवान की पहचान छत्तीसगढ़ निवासी शिवम मिश्रा के रूप में हुई है। उस पर पहले भी अपने साथियों पर गोली चलाने का आरोप लग चुका था। उस मामले में बीएसएफ कानून के तहत उसे सजा दी गई थी। बताया जा रहा है कि सजा पूरी होने के बाद उसे घर भेजने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन उससे पहले ही यह घटना हो गई।
मृत और घायल जवानों की हुई पहचान
इस घटना में जान गंवाने वाले जवानों की पहचान बिहार के छपरा निवासी अजय कुमार सिंह और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली निवासी अंबादास के रूप में हुई है। वहीं घायल जवान की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी विकास वर्मा के रूप में हुई है। उनका इलाज मालदा मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
बीएसएफ और पुलिस कर रही संयुक्त जांच
घटना के बाद पूरे बीएसएफ कैंप और आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय पुलिस ने आरोपी जवान के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वैष्णवनगर थाना पुलिस और बीएसएफ संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
मालदा सेक्टर के बीएसएफ डीआईजी सुरेंद्र कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि गोलीबारी किन परिस्थितियों में हुई, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। फिलहाल आरोपी जवान हिरासत में है और उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
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