नेशनल डेस्क: नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में सामने आई अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के प्रति सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार जो भी कदम उठाएगी, उनकी न्यायालय निगरानी करेगा। अदालत ने कहा कि केवल अस्थायी उपायों से समस्या का समाधान नहीं होगा और अब एक स्थायी, मजबूत तथा भरोसेमंद व्यवस्था तैयार करने की आवश्यकता है।
तदर्थ व्यवस्था पर सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने नीट परीक्षा के संचालन में अपनाई जा रही तदर्थ व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्षों से इसी तरह के अस्थायी उपाय समस्याओं की वजह बनते रहे हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि अब ऐसी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, जो पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और प्रभावी हो, ताकि भविष्य में प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
साइबर सुरक्षा और डेटा संरक्षण पर मांगा ठोस रोडमैप
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से साइबर सुरक्षा और डेटा संरक्षण के क्षेत्र में मजबूत कदम उठाने की अपेक्षा जताई। अदालत की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी अगले वर्ष से नीट-यूजी परीक्षा को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) के रूप में आयोजित करने की योजना पर काम कर रही है। अदालत ने संकेत दिया कि डिजिटल परीक्षा प्रणाली लागू करने से पहले डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था अनिवार्य होगी।
केंद्र सरकार ने अदालत को दिया भरोसा
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकार छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव कदम उठाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है और इस पूरे मामले की निगरानी सरकार के सर्वोच्च स्तर पर की जा रही है।
पेपर लीक पर सख्त कानून लाने की तैयारी
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि अगले सप्ताह संसद में प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ कड़े प्रावधानों वाला विधेयक पेश किया जाएगा। उन्होंने अपने वीडियो संदेश में कहा कि प्रस्तावित मसौदे पर केंद्रीय मंत्रिमंडल चर्चा करेगा और उसे अंतिम रूप देने के बाद संसद में पेश किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह में सरकार पेपर लीक के मामलों में कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने वाला विधेयक लाएगी और उसे जल्द से जल्द पारित कराने का प्रयास करेगी। उनके अनुसार, मंत्रिमंडल इस विषय पर सहयोगियों के सुझावों पर विचार करने के बाद आगे की प्रक्रिया तय करेगा।
Navyug Samachar