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नेशनल अवॉर्ड से पहले रिश्वत की मांग! मंत्रालय से आए फोन पर भड़क उठे थे किशोर कुमार, बेटे अमित ने सुनाया चौंकाने वाला किस्सा

मनोरंजन डेस्क: हिंदी सिनेमा के दिग्गज गायक और अभिनेता किशोर कुमार आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके गीत और उनसे जुड़े किस्से आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहते हैं। ऐसा ही एक दावा उनके बेटे अमित कुमार ने किया था, जिसमें उन्होंने बताया कि एक समय राष्ट्रीय पुरस्कार के नामांकन से पहले किशोर कुमार से कथित तौर पर रिश्वत की मांग की गई थी। हालांकि, उन्होंने इस प्रस्ताव को साफ तौर पर ठुकरा दिया था।

‘दूर गगन की छांव में’ से जुड़ा है पूरा मामला
यह दावा वर्ष 1964 में रिलीज हुई किशोर कुमार की फिल्म ‘दूर गगन की छांव में’ से जुड़ा है। उस समय यह फिल्म राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए विचाराधीन बताई जा रही थी। उसी दौरान ऐसी खबरें सामने आई थीं कि मंत्रालय से जुड़े एक व्यक्ति ने कथित तौर पर राष्ट्रीय पुरस्कार के नामांकन के बदले रिश्वत की मांग की थी।

बताया जाता है कि इस पर किशोर कुमार ने दोटूक जवाब देते हुए कहा था कि उनकी फिल्म पहले ही सफल है और उन्हें इस तरह के किसी प्रस्ताव की जरूरत नहीं है।

अमित कुमार ने इंटरव्यू में किया था खुलासा
विक्की लालवानी को दिए एक इंटरव्यू में अमित कुमार ने इस पूरे घटनाक्रम का जिक्र किया था। उनसे पूछा गया कि क्या राष्ट्रीय पुरस्कार के बदले रिश्वत मांगने की खबरें सही थीं। इस पर उन्होंने कहा कि ऐसा वास्तव में हुआ था।

अमित कुमार के मुताबिक, उनके पिता के पास दिल्ली से मंत्रालय के एक व्यक्ति का फोन आया था। उस समय ‘हकीकत’, ‘दोस्ती’ और ‘दूर गगन की छांव में’ राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए विचाराधीन थीं। कथित तौर पर फोन करने वाले ने कहा था कि यदि कुछ सहयोग किया जाए तो नामांकन सुनिश्चित किया जा सकता है। इस पर किशोर कुमार ने स्पष्ट शब्दों में इनकार कर दिया और कहा कि उनकी फिल्म सफल है, इसलिए इस तरह की किसी व्यवस्था की जरूरत नहीं है।

तमिल रीमेक को मिला था राष्ट्रीय पुरस्कार
इसी इंटरव्यू में अमित कुमार ने बताया कि ‘दूर गगन की छांव में’ व्यावसायिक रूप से बेहद सफल रही थी। उनके अनुसार, यह फिल्म सुपर सिनेमा में 23 सप्ताह तक चली और दिल्ली-उत्तर प्रदेश क्षेत्र में सिल्वर जुबली भी मना चुकी थी।

बाद में किशोर कुमार ने इस फिल्म के अधिकार एक प्रसिद्ध तमिल फिल्म निर्माता को बेच दिए। तमिल में इसका रीमेक ‘रामू’ नाम से बनाया गया, जिसे राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि ‘दूर गगन की छांव में’ अमेरिकी फिल्म ‘द प्राउड रेबेल’ की रीमेक थी। इसकी लोकप्रियता के चलते इसे तेलुगु, तमिल और मलयालम भाषाओं में भी बनाया गया।

 

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