Monday , 5 October 2026

भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा एक्शन, गोली चलाने के आरोपी STF जवान गिरफ्तार; सरेंडर के बाद फायरिंग का लगा था आरोप

बिहार डेस्क: बिहार के भोजपुर जिले के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पुलिस ने भरत तिवारी पर गोली चलाने के आरोपी एक एसटीएफ जवान को गिरफ्तार कर लिया है। भरत तिवारी की मां ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे ने सरेंडर कर दिया था, इसके बावजूद उस पर गोली चलाई गई। फिलहाल मामले में जांच जारी है।

आरा एसपी ने गिरफ्तारी की पुष्टि की

आरा के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में शामिल पुलिसकर्मी को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार जवान की पहचान अक्षय के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि यह अभियान आरा पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स ने संयुक्त रूप से चलाया था। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और जांच जारी है।

मां ने लगाया था सरेंडर के बाद गोली मारने का आरोप

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार एसटीएफ जवान पर भरत तिवारी की मां ने आरोप लगाया था कि सरेंडर के बाद भी उनके बेटे पर गोली चलाई गई। हालांकि इस आरोप पर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भरत तिवारी के परिजनों को पटना बुलाकर मुलाकात की थी और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया था। इसके बाद एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा को वापस पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया था।

17 जून को एनकाउंटर में हुई थी भरत तिवारी की मौत

भरत तिवारी की 17 जून को भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर के दौरान मौत हुई थी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में विवाद खड़ा हो गया था। परिजनों का दावा था कि भरत तिवारी ने अपना हथियार छोड़कर सरेंडर कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने उन पर गोली चला दी।

मामले ने तूल पकड़ने के बाद बिहार सरकार ने घटना की न्यायिक जांच कराने की घोषणा की थी। इससे पहले इस मामले में कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

एनकाउंटर को लेकर पुलिस और परिजनों के दावे अलग-अलग

घटना के बाद पुलिस ने अपने शुरुआती बयान में भरत तिवारी को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया था। वहीं, परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना था कि वह एक सामाजिक कार्यकर्ता थे और क्षेत्र की समस्याओं को प्रशासन के सामने उठाते रहते थे।

पुलिस का दावा था कि एनकाउंटर के दौरान भरत तिवारी पुलिस टीम पर लगातार फायरिंग कर रहे थे। जवाबी कार्रवाई में आत्मरक्षा के तहत गोली चलाई गई, जिसमें उनके पैर में गोली लगी थी।

 

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