Monday , 5 October 2026

‘मेरी स्वर्गीय मां को गालियां दी गईं…’: जंतर-मंतर की घटना पर पहली बार बोले पीएम मोदी, युवाओं के नाम दिया भावुक संदेश

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंतर-मंतर पर हुई घटना को लेकर पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। इंस्टाग्राम पर जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान उनके साथ-साथ उनकी दिवंगत मां के लिए भी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने इसे दुखद बताते हुए कहा कि समाज को गुमराह युवाओं को दंडित करने के बजाय उन्हें सही दिशा दिखाने का प्रयास करना चाहिए।

‘जो हुआ, उसे पूरे देश और दुनिया ने देखा’

प्रधानमंत्री ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि जंतर-मंतर पर जो कुछ भी हुआ, उसे पूरे देश और दुनिया ने देखा। उन्होंने कहा कि कुछ युवाओं ने उनके खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया और उनकी स्वर्गीय मां के लिए भी अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जो किसी भी सभ्य समाज के लिए उचित नहीं है।

‘गलतियां होती हैं, लेकिन सुधार का अवसर मिलना चाहिए’

प्रधानमंत्री ने कहा कि वह इस विषय पर नाराजगी व्यक्त करने के बजाय एक अलग संदेश देना चाहते हैं। उनके अनुसार बचपन और युवावस्था में गलतियां होना स्वाभाविक है तथा हर व्यक्ति को सुधार का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में मौजूद आक्रोश को वह समझते हैं, लेकिन यह भी जरूरी है कि ऐसे युवाओं को सही मार्ग दिखाया जाए।

उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है कि हमारी बेटियां इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रही हैं। इसे उन्होंने सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से गंभीर संकेत बताया, लेकिन साथ ही कहा कि यही समय है जब समाज को उन्हें अपनाकर सही दिशा देनी चाहिए।

‘गुमराह बच्चों को सजा नहीं, मार्गदर्शन की जरूरत’

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे युवा गुमराह हैं और उन्हें केवल सजा देने या अदालतों के चक्कर लगवाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि समाज की जिम्मेदारी है कि वह उन्हें सकारात्मक दिशा दिखाए।

उन्होंने यह भी कहा कि वह इन बच्चों को माफ करना चाहते हैं और समाज से भी इसी भावना के साथ आगे बढ़ने की अपील की।

दांत और जीभ का उदाहरण देकर समझाया संदेश

अपने संदेश को समझाने के लिए प्रधानमंत्री ने दांत और जीभ का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कई बार गलती से दांत जीभ को काट लेते हैं, लेकिन कोई अपने दांत नहीं तोड़ता क्योंकि दोनों अपने ही हैं। उसी तरह समाज के युवा भी अपने हैं और उन्हें दंडित करने के बजाय सुधारने की आवश्यकता है।

युवाओं से देश निर्माण में भागीदारी की अपील

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में युवाओं से देश की प्रगति में भागीदार बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गलतियों से सीखकर आगे बढ़ना ही जीवन का सही मार्ग है। उनका विश्वास है कि देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और हर युवा भी अपने सपनों को साकार करते हुए राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकता है।

उन्होंने कहा कि वह युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं और सभी से मिलकर देश को आगे बढ़ाने की अपील की।

 

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