Monday , 5 October 2026

मैसूर से पीएम मोदी का युवाओं पर बड़ा भरोसा, बोले- ‘देश की सबसे बड़ी ताकत हैं युवा, भारत की तरक्की के असली आधार’

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मैसूरु में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र (विवेक स्मारक) के उद्घाटन के अवसर पर देश के युवाओं की भूमिका को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत की तेज़ आर्थिक प्रगति, सेमीकंडक्टर निर्माण, स्टार्टअप इकोसिस्टम, मोबाइल निर्माण और डिजिटल क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक पहचान के पीछे देश के युवाओं की सबसे बड़ी भूमिका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का युवा भारत दुनिया के विकास को नई गति देने का काम कर रहा है।

युवाओं की ताकत से आगे बढ़ रहा है भारत

मैसूरु स्थित श्री रामकृष्ण आश्रम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत आज सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसकी सबसे बड़ी ताकत देश का युवा वर्ग है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और इसका श्रेय भी युवाओं की क्षमता और मेहनत को जाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। इसके साथ ही देश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता भी बन गया है। उन्होंने कहा कि भारत में विकसित डिजिटल समाधान अब कई देशों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।

स्वामी विवेकानंद के विचारों को किया याद

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं की शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव मानते थे। उन्होंने उस समय भी यह महसूस किया था कि दुनिया के विकसित देश अपने युवाओं को शिक्षित बनाकर आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि उस दौर में भारत गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था और देश के युवा भी स्वतंत्र रूप से आगे नहीं बढ़ पा रहे थे।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भारत के युवाओं ने लंबा सफर तय किया है। जो युवा कभी गुलामी की बेड़ियों में था, वही आज दुनिया के विकास को गति देने का काम कर रहा है।

‘महान व्यक्तित्व तप और साधना से बनते हैं’

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का महान व्यक्तित्व एक दिन में तैयार नहीं होता। इसके लिए निरंतर संघर्ष, तपस्या, साधना और कठिन परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सफलता मिलने के बाद दुनिया साथ खड़ी होती है, लेकिन संघर्ष के समय किसी महान व्यक्ति को पहचानना आसान नहीं होता।

प्रधानमंत्री ने कहा कि करीब 130 वर्ष पहले स्वामी विवेकानंद एक युवा संन्यासी के रूप में मैसूरु आए थे। उस समय उनकी प्रसिद्धि भले ही व्यापक नहीं थी, लेकिन उनके विचार अत्यंत ऊंचे थे। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मैसूरु महाराजा उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने स्वामी विवेकानंद की प्रतिभा और विचारों को शुरुआती दौर में ही पहचान लिया था।

श्री रामकृष्ण आश्रम की सेवाओं की सराहना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा को आत्मसात किया था। उन्होंने दूसरों के लिए जीने का संदेश दिया और उसी विचारधारा को श्री रामकृष्ण आश्रम आज भी आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत कार्यों के माध्यम से आश्रम लगातार समाज सेवा कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि विवेक स्मारक साधकों और श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

आंध्र प्रदेश में विकास परियोजनाओं की भी रखी आधारशिला

मैसूरु कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगपुरम में कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इस दौरान उन्होंने वहां आयोजित कार्यक्रम को भी संबोधित किया।

 

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