Monday , 5 October 2026

संसद में विपक्ष का जोरदार हंगामा, प्रियंका गांधी समेत कई सांसदों का प्रदर्शन; सरकार के सामने रखीं 2 बड़ी मांगें

नेशनल डेस्क: संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ तीखा विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं ने संसद परिसर में 20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों पर कथित पुलिस लाठीचार्ज और पेलेट गन के इस्तेमाल के साथ-साथ कथित राम मंदिर चंदा गबन मामले को लेकर प्रदर्शन किया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार दोनों मुद्दों पर संसद में चर्चा कराने से बच रही है और केंद्रीय गृह मंत्री अब तक सदन में बयान देने नहीं आए हैं।

बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में उठी मांग

कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने बताया कि लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने संयुक्त रूप से मांग उठाई कि केंद्रीय गृह मंत्री सदन में आकर 20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई, पेलेट गन और लाठीचार्ज के आरोपों पर विस्तृत बयान दें।

उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अब तक सदन में उपस्थित होकर इस मामले पर कोई बयान नहीं दे पाए हैं। साथ ही कथित राम मंदिर दान गबन मामले को भी गंभीर बताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस विषय पर संसद में चर्चा कराने के लिए तैयार नहीं है। के. सुरेश ने कहा कि जब तक इन मुद्दों पर जवाब नहीं मिलता, तब तक संसद के भीतर और बाहर विरोध जारी रहेगा।

सरकार पर सीपीआई(एम) का भी हमला

सीपीआई(एम) सांसद डॉ. जॉन ब्रिटास ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए सदन में नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष की मांग केवल इतनी है कि गृह मंत्री संसद में आकर स्पष्ट करें कि राजधानी में छात्रों के साथ क्या हुआ और सरकार ने इस मामले में क्या कदम उठाए।

डॉ. ब्रिटास ने यह भी कहा कि हालिया बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों ने सरकार को स्पष्ट संदेश दिया है कि जनता के रुख को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, सरकार को इस संकेत को गंभीरता से लेना चाहिए।

विपक्ष की दो प्रमुख मांगें

विपक्ष ने प्रदर्शन के दौरान दो प्रमुख मांगें रखीं। पहली, 20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री सदन में बयान दें। दूसरी, कथित राम मंदिर दान गबन मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जाए।

सरकार पर चर्चा से बचने का आरोप

विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार दोनों मुद्दों पर सदन में चर्चा कराने से बच रही है। इसी वजह से विपक्षी दल संसद के भीतर और बाहर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और इन मामलों पर सरकार से जवाब की मांग कर रहे हैं।

 

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