टेक डेस्क: भारत में लगातार मजबूत पकड़ बनाने के बाद अब Apple के लिए बाजार में नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। बाजार शोध कंपनियों की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 में कई वर्षों बाद पहली बार भारत में iPhone शिपमेंट में गिरावट दर्ज होने की संभावना है। हालांकि, इसकी वजह ग्राहकों की मांग में कमी नहीं बल्कि सप्लाई से जुड़ी परेशानियां, फाइनेंस विकल्पों में कमी और पुराने मॉडल्स पर घटते ऑफर्स को बताया जा रहा है।
सप्लाई की कमी बनी Apple के लिए बड़ी चुनौती
IDC इंडिया और साउथईस्ट एशिया की रिसर्च मैनेजर उपासना जोशी के अनुसार, भारत में Apple की ग्रोथ की रफ्तार दिसंबर 2025 की तिमाही से ही धीमी होने लगी थी। इसके पीछे सप्लाई चेन से जुड़ी समस्याओं को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, Apple ने पुराने iPhone मॉडल्स की आधिकारिक कीमतों में बड़ा बदलाव नहीं किया है, लेकिन फाइनेंस स्कीम, एक्सचेंज ऑफर और अन्य छूट पहले की तुलना में कम हो गई हैं। इससे ग्राहकों के लिए iPhone खरीदना पहले से ज्यादा महंगा महसूस हो रहा है।
2026 में iPhone शिपमेंट में गिरावट का अनुमान
IDC के शुरुआती अनुमान के अनुसार, साल 2026 की दूसरी तिमाही में भारत के पूरे स्मार्टफोन बाजार में 11 से 12 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है। इस दौरान कुल स्मार्टफोन शिपमेंट घटकर करीब 3.2 से 3.4 करोड़ यूनिट रहने का अनुमान है।
वहीं iPhone शिपमेंट स्थिर रहने या करीब 1 प्रतिशत तक गिरने की संभावना जताई गई है। हालांकि, यह गिरावट पूरे स्मार्टफोन बाजार की तुलना में काफी कम मानी जा रही है।
रिसर्च कंपनियों ने घटाए अनुमान
IDC के अनुसार, Apple ने साल 2025 में भारत में करीब 1.43 करोड़ iPhone शिप किए थे। लेकिन 2026 में इसमें मिड-सिंगल डिजिट गिरावट का अनुमान लगाया गया है।
इसकी वजह iPhone 15, iPhone 16 और iPhone 17 सीरीज की सीमित उपलब्धता के साथ iPhone 18 सीरीज की संभावित देरी को माना जा रहा है।
वहीं Counterpoint Research की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल से जून तिमाही में भारत में Apple की iPhone शिपमेंट में सालाना आधार पर 3 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जबकि पूरे स्मार्टफोन बाजार में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट रही।
फेस्टिव सीजन में कम मिल सकते हैं ऑफर्स
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साल फेस्टिव सीजन के दौरान पुराने iPhone मॉडल्स पर मिलने वाली छूट और एक्सचेंज ऑफर्स पहले की तुलना में कम रह सकते हैं।
इसका असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है, जो नए मॉडल की जगह पुराने iPhone को कम कीमत में खरीदने का इंतजार करते हैं।
मांग अभी भी मजबूत, वापसी की उम्मीद कायम
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट अस्थायी हो सकती है। भारत अभी भी Apple के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में शामिल है।
कंपनी के सीईओ टिम कुक ने भी भारत को अहम ग्रोथ मार्केट बताया है और जून तिमाही में रिकॉर्ड राजस्व मिलने की जानकारी दी थी।
अब Apple के प्रदर्शन पर आने वाले महीनों में सप्लाई स्थिति, बाजार में उपलब्धता, फेस्टिव सीजन की मांग और ग्राहकों के अपग्रेड ट्रेंड का असर देखने को मिलेगा। अगर सप्लाई व्यवस्था सामान्य होती है तो कंपनी भारत में अपनी रफ्तार दोबारा पकड़ सकती है।
Navyug Samachar
