
नेशनल डेस्क: संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को भी दोनों सदनों में तीखी राजनीतिक टकराव की संभावना है। छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई और अयोध्या के राम मंदिर में मिले दान में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति के साथ मैदान में उतरेगा। दूसरी ओर लोकसभा में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 सहित कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित कराने की प्रक्रिया प्रस्तावित है।
मकर द्वार पर विपक्ष करेगा प्रदर्शन
शुक्रवार सुबह संसद भवन के मकर द्वार पर विपक्षी सांसद विरोध प्रदर्शन करेंगे। विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। प्रदर्शन के दौरान छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध किया जाएगा। साथ ही विपक्ष केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस पूरे मामले पर संसद में बयान देने की मांग करेगा।
सुबह रणनीति बैठक के बाद होगा प्रदर्शन
विरोध प्रदर्शन से पहले सुबह 10 बजे लोकसभा और राज्यसभा के विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स की बैठक होगी। इस बैठक में मानसून सत्र के शेष दिनों के लिए साझा रणनीति तय की जाएगी। बैठक के बाद विपक्षी सांसद 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई और अयोध्या राम मंदिर में मिले दान में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे को लेकर मकर द्वार पर विरोध दर्ज कराएंगे।
लोकसभा में एमएसएमई संशोधन विधेयक पर होगी चर्चा
लोकसभा की कार्यसूची के अनुसार शुक्रवार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा के साथ उन्हें पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी सदन में संशोधन विधेयक पेश करेंगे। यह विधेयक पहले ही राज्यसभा से पारित हो चुका है।
कई निजी सदस्य विधेयक भी होंगे पेश
कांग्रेस सांसद शशि थरूर कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास, पुनर्स्थापन, उनकी संपत्तियों की सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से संबंधित निजी सदस्य विधेयक पेश करेंगे।
इसके अलावा कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल तटीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मछुआरों के लिए कल्याण बोर्ड और कल्याण कोष के गठन से जुड़ा निजी विधेयक सदन में पेश करेंगे।
वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी जम्मू-कश्मीर पब्लिक सेफ्टी एक्ट, 1978 में संशोधन से संबंधित निजी सदस्य विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत करेंगे।
दोनों सदनों में जारी रह सकता है गतिरोध
शुक्रवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान विपक्ष के हंगामे की संभावना बनी हुई है। छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर दान विवाद को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार दबाव बनाने की तैयारी में है। विपक्ष इन दोनों मुद्दों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान और तत्काल चर्चा की मांग उठाने वाला है, जिससे संसद की कार्यवाही एक बार फिर गर्माने के आसार हैं।
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