मनोरंजन डेस्क: प्रीति जिंटा इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ को लेकर चर्चा में हैं। राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी इस पीरियड ड्रामा फिल्म से वह करीब 8 साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रही हैं। फिल्म में महिलाओं की भूमिका और प्रीति जिंटा के किरदार को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। अब एक्ट्रेस ने इन आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लोगों से फिल्म देखे बिना उसके किरदारों और निर्देशक को जज नहीं करने की अपील की है।
महिलाओं के किरदार को लेकर क्यों शुरू हुआ विवाद?
विवाद की शुरुआत प्रीति जिंटा के एक इंटरव्यू के बाद हुई, जिसमें उन्होंने फिल्म में अपने किरदार की रोजमर्रा की जिंदगी के बारे में बात की थी। एक्ट्रेस ने बताया था कि फिल्म के कई दृश्यों में उनके किरदार को खाना बनाते, सफाई करते और सिलाई करते हुए दिखाया गया है। इसके बाद सोशल मीडिया पर फिल्म में महिलाओं की भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
इसी दौरान ‘द प्रिंट’ की ओर से एक विचार लेख साझा किया गया, जिसमें 1947 से पहले की भारतीय महिलाओं के चित्रण को लेकर सवाल उठाए गए थे। इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रीति जिंटा ने कहा कि शूटिंग के दौरान उनके अनुभव को पूरे संदर्भ के बिना समझा गया है।
प्रीति जिंटा बोलीं- फिल्म देखे बिना फैसला करना गलत
प्रीति जिंटा ने साफ कहा कि ‘बंटवारा 1947’ एक खास परिवार की कहानी है और फिल्म को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि फिल्म और उसके निर्देशक को देखे बिना उनके बारे में फैसला सुनाना सही नहीं है।
एक्ट्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि किसी बयान या बातचीत के एक हिस्से को पूरे संदर्भ के बिना लेकर इतनी जल्दी प्रतिक्रिया क्यों दी जाती है। उन्होंने पत्रकारिता में जिम्मेदारी और निष्पक्षता की जरूरत पर जोर देते हुए लोगों से पहले फिल्म देखने और उसके बाद अपनी राय बनाने की अपील की।
राजकुमार संतोषी से शूटिंग के दौरान क्या पूछती थीं प्रीति?
प्रीति जिंटा ने पीरियड फिल्म में काम करने को लेकर अपनी उत्सुकता के बारे में भी बात की थी। उन्होंने बताया था कि वह लंबे समय से उस दौर पर आधारित फिल्म में काम करना चाहती थीं। उस समय के कपड़ों और खान-पान को लेकर भी वह काफी उत्साहित थीं।
शूटिंग के दौरान निर्देशक राजकुमार संतोषी के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए प्रीति ने बताया था कि वह अक्सर उनसे पूछती थीं कि अलग-अलग दृश्यों में उनके किरदार को क्या करना है। उनके मुताबिक, कई बार संतोषी उन्हें खाना बनाने, सफाई करने या सिलाई जैसे काम करने के लिए कहते थे।
एक्ट्रेस की बातों के बाद महिलाओं के चित्रण पर छिड़ी बहस
प्रीति के इन्हीं बयानों के बाद सोशल मीडिया पर फिल्म में महिलाओं के चित्रण को लेकर बहस तेज हो गई। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि 1947 से पहले की महिलाओं को फिल्म में किस नजरिए से पेश किया गया है।
वहीं, प्रीति जिंटा का कहना है कि उनके शूटिंग अनुभव के आधार पर पूरी फिल्म के बारे में राय बनाना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिल्म की कहानी और किरदारों को पूरा संदर्भ समझने के बाद ही परखा जाना चाहिए।
14 अगस्त को सिनेमाघरों में आएगी ‘बंटवारा 1947’
‘बंटवारा 1947’ का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है और यह फिल्म 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म की रिलीज से पहले प्रीति जिंटा की प्रतिक्रिया ने इसे लेकर चल रही चर्चा को और तेज कर दिया है।
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